
प्रेस वार्ता करते एसपी पकड़े गए आरोपी फोटो सोर्स विभाग
गोण्डा पुलिस की साइबर सेल ने बड़ी सफलता हाथ लगी है। नौकरी दिलाने के नाम पर देशभर में करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गैंग ने फर्जी विज्ञापनों और मोबाइल नंबरों के जरिए सैकड़ों लोगों को शिकार बनाया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। और ठगी की रकम में से 1.11 करोड़ रुपये होल्ड कराए हैं।
गोण्डा पुलिस के साइबर सेल ने संगठित साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह स्वास्थ्य विभाग शाहिद विभिन्न विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के लोगों से ठगी कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर अभियुक्तों सुधीर कुमार गुप्ता उर्फ अतुल गुप्ता और बृजेश मिश्रा को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर सेल प्रभारी संजय कुमार गुप्ता की टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर इस गिरोह तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान पता चला कि गिरोह फर्जी मोबाइल सिम और नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोगों को नौकरी का लालच देता था। इसके लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर फर्जी विज्ञापन चिपकाए जाते थे।
जब कोई व्यक्ति इन नंबरों पर संपर्क करता था। तो उससे रजिस्ट्रेशन, इंटरव्यू, ट्रेनिंग और ज्वाइनिंग के नाम पर पैसे मांगे जाते थे। ठगी की रकम म्यूल खातों में जमा कराई जाती थी। जहां से कमीशन देकर बाकी पैसा निकाल लिया जाता था। जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक और तेलंगाना में सैकड़ों लोगों को निशाना बनाया। अब तक 25 से अधिक ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। और करीब 7 करोड़ 80 लाख रुपये की ठगी सामने आई है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन (एंड्रॉयड, आईफोन और की-पैड) बरामद किए हैं। साथ ही 51 बैंक खातों की जांच की गई। जिनमें से 1 करोड़ 11 लाख रुपये की राशि को होल्ड कराया गया है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि गोंडा साइबर सेल को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी मनोज कुमार रावत के नेतृत्व में एक अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया गया है। जिसमें दो शातिर साइबर फ्रॉड सुधीर गुप्ता और बृजेश मिश्रा गिरफ्तार किए गए हैं। आपको अवगत करा दे की एनसीआरबी पोर्टल जो प्रतिबिंब पोर्टल है। हॉटस्पॉट का चिन्हीकरण किया गया था। गोंडा में हमें कुछ ऐसे नंबर प्राप्त हुए थे। जो कुछ महीने पूर्व यहां रहकर विभिन्न राज्यों में सैकड़ो लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया गया था। जब इस पूरी घटनाओं को समझ गया। काफी प्रयास के बाद इस गैंग का पर्दाफाश हुआ है। यह गैंग नौकरी लगवाने के नाम पर आठ राज्यों में जिसमें छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश पश्चिम बंगाल तेलंगाना कर्नाटक आदि राज्यों में यह लोग बस स्टेशन रेलवे आदि सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर चिपका कर विज्ञापन करते थे। जिसमें जो बेरोजगार थे। उन्हें यह लोग नौकरी के नाम पर ठगते थे। फिर कॉल सेंटर के माध्यम से उन्हें फोन करके कभी रजिस्ट्रेशन के नाम पर कभी ट्रेनिंग के नाम पर उनसे पैसे वसूलते थे। जब काफी संख्या में लोगों से पैसा ठग लेते थे। तो अपना आईडी और फोन नंबर बदल लेते थे। इस पूरे नेटवर्क को समझ गया। जांच के दौरान करीब 51 खाते ऐसे मिले हैं। जिसमें इन लोगों द्वारा ठगी के पैसे को मंगाया गया है। इन खातों में करीब 7.80 करोड़ का ट्रांजैक्शन हुआ है। जबकि साइबर सेल गोंडा द्वारा एक करोड़ 11 लख रुपये हमें फ्रीज करने में सफलता मिली है। इन बदमाशों के कब्जे से साथ मोबाइल फोन जिसमें एक आईफोन भी शामिल है।
Published on:
02 Apr 2026 05:47 pm
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