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गोंडा में तैनात दरोगा की हार्ट अटैक से मौत, छुट्टी पर घर गए थे अचानक टहलते- टहलते थम गई सांसे

गोंडा जिले में तैनात सब इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार यादव मूल रूप से देवरिया के रहने वाले थे। वह जिले के धानेपुर थाना पर वरिष्ठ उप निरीक्षक के पद पर तैनात थे। छुट्टी लेकर घर गए थे। लेकिन अचानक घर के पास टहलते- टहलते हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई।

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सब इंस्पेक्टर की फाइल फोटो सोर्स विभाग

सब इंस्पेक्टर की फाइल फोटो सोर्स विभाग

गोंडा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जहां धानेपुर थाने में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव का अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह अपने घर पर छुट्टी बिताने गए थे। लेकिन एक पल में सब कुछ बदल गया। उनके निधन से पुलिस विभाग और परिवार दोनों गहरे सदमे में हैं।

गोंडा जिले के धानेपुर थाने में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार यादव का अचानक निधन हो जाना हर किसी को झकझोर गया। 47 वर्षीय यादव इन दिनों अपने गृह जनपद देवरिया के भाटपार रानी क्षेत्र स्थित गांव कर्मुवा में छुट्टी पर गए हुए थे। परिवार के बीच कुछ सुकून के पल बिताने पहुंचे यादव को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि यह उनकी जिंदगी के आखिरी दिन साबित होंगे। शुक्रवार को वह रोज की तरह अपने घर के पास टहलने निकले थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था। लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। देखते ही देखते उन्हें तेज हार्ट अटैक आया। वह सड़क पर ही गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत स्थिति को समझा और उनके परिजनों को सूचना दी। बिना समय गंवाए उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सिपाही से बने सब इंस्पेक्टर सत्येंद्र यादव की विभाग में एक अलग पहचान रही

यह खबर जैसे ही पुलिस विभाग तक पहुंची। हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई। सत्येंद्र कुमार यादव अपने सरल स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक सिपाही के रूप में की थी। मेहनत के बल पर पदोन्नति पाकर उपनिरीक्षक बने थे। अपने व्यवहार और ईमानदारी से उन्होंने विभाग में एक अलग पहचान बनाई थी।

परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल, विभाग में दौड़ी शोक की लहर

उनके अचानक चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पुलिस विभाग के साथी भी इस क्षति से गहरे आहत हैं। हर कोई यही कह रहा है कि एक काबिल और जिम्मेदार अधिकारी को उन्होंने बहुत जल्द खो दिया। सत्येंद्र कुमार यादव का यूं अचानक चले जाना न सिर्फ उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे पुलिस महकमे के लिए एक अपूरणीय क्षति है।