
बताते चलें कि अवध केसरी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर नीरज सिंह, प्रदेश अध्यक्ष नील ठाकुर के नेतृत्व में किसान 26 दिसम्बर से आंदोलित हैं। बजाज चीनी मिल कुंदरखी चौराहे पर सैकड़ों की संख्या में किसानों के साथ धरना दे रहे सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर नीरज सिंह के साथ ही अमित सिंह, नीरज सिंह उर्फ नील ठाकुर, राघवेंद्र सिंह, संतोष सिंह, मोनू सिंह, हरिश्चंद्र यादव व आलोक सिंह उर्फ बाबा तथा 25-30 अज्ञात के विरूद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि किसान अभी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक पिछले सत्र का बकाया भुगतान मिल प्रशासन द्वारा नहीं किया जाता है। तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। किसानों के धरना प्रदर्शन को लेकर प्रशासन सुलह समझौता करने का प्रयास कर रहा है। लेकिन अभी तक बात बनी नहीं है। सबसे खास बात यह है कि ठंड व बारिश के बीच धरना दे रहे किसानों की सुध लेने के लिए सत्ता पक्ष के किसी भी जनप्रतिनिधि ने किसानों की सुध नहीं ली है। विपक्ष इस मौके को हाथ से गवाना नहीं चाहता है। विपक्ष के तमाम नेता व स्वयंसेवी संगठन मौके पर पहुंचकर किसानों के धरने को अपना समर्थन दे चुके हैं। आंदोलनरत किसानों के ऊपर मुकदमा दर्ज किए जाने की अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इसी बीच मिल प्रशासन द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर 15 दिवस के अंदर किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की बात कही गई है। लेकिन किसानों का कहना है कि मिल प्रशासन इस तरह से वर्षों से आश्वासन देते चला आ रहा है। हम लोग सिर्फ पिछले सत्र के बकाया गन्ना भुगतान की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में जब प्रभारी निरीक्षक मोतीगंज अरविंद कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया यह जानकारी देने के लिए हम अधिकृत नहीं हैं। इसके लिए आप मीडिया सेल से संपर्क करें। इस बाबत जब क्षेत्राधिकारी मनकापुर संजय तलवार से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि मैं वीआईपी ड्यूटी में हूं। थाने से संपर्क कर लीजिए। जिससे आधिकारिक तौर पर इस पूरे प्रकरण की पुष्टि नहीं हो सकी है।
Published on:
31 Dec 2021 08:48 pm
बड़ी खबरें
View Allगोंडा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
