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वायरल वीडियो कांड: लखनऊ से पहुंची जांच टीम, मेडिकल कॉलेज में मीडिया की एंट्री पर रोक से उठे सवाल?

गोंडा जिला अस्पताल में चूहे और आवारा कुत्तों के वायरल वीडियो के बाद हाईलेवल जांच टीम ने निरीक्षण किया। मरीजों से पूछताछ की। इस दौरान मीडिया कर्मियों की एंट्री पर रोक लगी रही है।

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निदेशक संदीपा श्रीवास्तव फोटो सोर्स पत्रिका

निदेशक संदीपा श्रीवास्तव फोटो सोर्स पत्रिका

गोंडा मेडिकल कॉलेज से जुड़े बाबू ईश्वर शरण जिला अस्पताल में चूहों और आवारा कुत्तों के वायरल वीडियो के बाद शासन द्वारा गठित पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच कमेटी रविवार को मौके पर पहुंची। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशक डॉ. संदीपा श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित इस टीम ने अस्पताल परिसर में पहुंचते ही सबसे पहले ऑर्थो वार्ड का निरीक्षण किया। जांच टीम ने वायरल वीडियो को लेकर वार्ड में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत की और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में उनकी समस्याएं सुनीं।

इसके बाद टीम दूसरे ऑर्थो वार्ड में पहुंची। जहां मरीजों और तीमारदारों से अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ की गई। निरीक्षण के दौरान मरीजों ने वार्ड की स्थिति, उपचार व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं को लेकर अपनी बात रखी। इसके पश्चात जांच कमेटी ने मेडिकल कॉलेज से जुड़े अन्य वार्डों का भी क्रमवार निरीक्षण किया। भर्ती मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं, साफ-सफाई, स्टाफ की मौजूदगी और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। टीम ने निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए।

मीडिया कर्मियों की एंट्री पर जांच के दौरान रही रोक

हालांकि पूरे निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे। सुरक्षा गार्डों ने मीडिया कर्मियों को किसी भी वार्ड में जाने से रोक दिया। जांच टीम के साथ किसी भी पत्रकार को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। मीडिया की एंट्री पर इस तरह की सख्ती से जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। वहीं, चूहों और कुत्तों के वायरल वीडियो को लेकर जांच में अब तक क्या निष्कर्ष निकले? इस सवाल पर जांच टीम की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया। ऐसे में अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। जिससे यह तय होगा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में हुई लापरवाही के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।

जांच रिपोर्ट सीधे शासन को दी जाएगी

लखनऊ से आई निदेशक संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें शासन से अति शीघ्र जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। उनके द्वारा यहां पहुंचकर जांच की गई है। मरीज से बातचीत किया गया है। जांच के दौरान उन्हें क्या मिला इस सवाल पर उन्होंने कोई भी जवाब देने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वह जांच रिपोर्ट सीधे शासन को सौंपेंगी।