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बलरामपुर जिले में तैनात प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ साक्ष्य छुपाने के मामले में केस दर्ज

बलरामपुर जिले में तैनात एक प्रभारी निरीक्षक पर साक्ष्य छुपाने के आरोप में गोंडा जिले के देहात कोतवाली में केस दर्ज किया गया है।  

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Balrampur Crime News

प्रभारी निरीक्षक सादुल्लाह नगर

बलरामपुर जिले के सादुल्लाह नगर थाना प्रभारी के खिलाफ गोंडा के देहात कोतवाली में साक्ष्य छुपाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक की जांच में इंस्पेक्टर दोषी पाए गए हैं। कई नोटिस भेजे जाने के बाद उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

गोंडा जिले के देहात कोतवाली में कोर्ट के आदेश पर 22 नवंबर 2014 को मारपीट गाली गलौज सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसकी विवेचना उस समय कोतवाली देहात में तैनात तत्कालीन उप निरीक्षक बृजनंदन सिंह कर रहे थे। वर्तमान समय में वह बलरामपुर जिले के सहदुल्लाह नगर थाने में उनकी तैनाती है। इनके ऊपर आरोप है कि विवेचना के दौरान प्रारंभिक जांच में उपनिरीक्षक ने केस डायरी में साक्ष्य न लगाकर अंतरिम रिपोर्ट भेज दी। 18 सितंबर 2014 को पुनः विवेचना के लिए फाइल को अपर पुलिस अधीक्षक ने वापस किया था। लेकिन उसके बावजूद साक्ष्य नहीं लगाया गया। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी ने 6 नोटिस जारी कर बृजनंदन सिंह को संबंधित पत्रावली उपस्थित करते हुए अंतिम रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन 2014 से ही इस लंबित विवेचना में उप निरीक्षक बृजनंदन सिंह ने बार-बार नोटिस देने के बाद साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश पर एडिशनल एसपी राधेश्याम राय ने पूरे मामले की जांच की। अपर पुलिस अधीक्षक ने उप निरीक्षक को 6 बार नोटिस देकर साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। लेकिन उन्होंने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। अपर पुलिस अधीक्षक की जांच में उपनिरीक्षक दोषी पाए गए। जिसको लेकर एसपी ने देहात कोतवाल देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव को उपनिरीक्षक बृजनंदन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिया। एसपी के आदेश पर देहात कोतवाल देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने साक्ष्य छुपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। अब पूरे मामले की जांच हो रही है।

अपर पुलिस अधीक्षक बोले- कई बार नोटिस देने की बाद तत्कालीन विवेचक ने नहीं दिया जवाब

अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि 2014 में न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज किया गया था। जिसकी विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक बृजनंदन सिंह कर रहे थे। लेकिन उन्होंने साक्ष्य को छुपाया और पत्रावली को दाखिल नहीं किया। इस मामले में पुनः विवेचना के आदेश दिए गए थे। जिसको लेकर कई बार उपनिरीक्षक को नोटिस दी गई थी। लेकिन उसके बावजूद बृजनंदन सिंह ने कोई जवाब नहीं दिया। अब साक्ष्य छुपाने के आरोप में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।