
कथा कहते रितेश्वर महाराज सुनकर रोते बृजभूषण सिंह फोटो सोर्स पत्रिका
गोंडा के नंदिनी नगर में चल रही राष्ट्रकथा के दौरान भावुक पल देखने को मिला। जब पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह मंच पर फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों को याद किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है।
गोंडा जिले के नंदिनी नगर में आयोजित राष्ट्रकथा में शनिवार को माहौल अचानक भावनात्मक हो गया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व भाजपा सांसद और कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह अपने पुराने दिनों को याद कर भावुक हो उठे और रोने लगे। करीब एक घंटे तक वह मंच पर बैठे-बैठे अपने जीवन के संघर्षों, उतार-चढ़ाव और संघर्ष भरे सफर को याद करते रहे। इस दौरान वहां मौजूद लोग भी भावुक नजर आए।
दरअसल, राष्ट्रकथा के दौरान सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया। अपने संबोधन में उन्होंने अवध क्षेत्र और खासतौर पर गोंडा का जिक्र करते हुए बृजभूषण शरण सिंह के ‘दबदबे’ की बात कही। रितेश्वर जी महाराज ने कहा कि यहां के लोग कहते हैं कि बृजभूषण का दबदबा था है और आगे भी रहेगा। इसके बाद उन्होंने खुद को बृजभूषण शरण सिंह का पिता बताते हुए मंच से कहा कि “यहां इनका बाप बैठा है।”
रितेश्वर जी महाराज ने अपने जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 52 वर्षों से मां भारती, भगवान राम और कृष्ण के लिए बिना किसी से कुछ स्वीकार किए काम किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आज तक कोई यह नहीं कह सकता कि कथा के लिए उन्होंने उनसे पैसे दिए हों। सब कुछ भगवान की कृपा से चलता है और आगे भी ऐसे ही चलता रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रकथा का अधिकार सिर्फ उन्हीं को होना चाहिए। जिन्होंने राष्ट्र और राम के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया हो। ऐसे लोग ही देश की अखंडता और एकता को मजबूत कर सकते हैं। इस पूरे संबोधन के दौरान बृजभूषण शरण सिंह बेहद भावुक दिखे और आंसुओं पर काबू नहीं रख सके।
Published on:
04 Jan 2026 11:05 am
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