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योगी सरकार के कड़े निर्देशों के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग फर्जी शिक्षकों से वेतन की वसूली नहीं कर पा रहा है। देवीपाटन मंडल के चार जनपद गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, और बलरामपुर में अब तक 201 फर्जी शिक्षक पाए गए हैं।
137 फर्जी शिक्षकों के वेतन का नहीं हो सका आकलन
देवीपाटन मंडल में पाए गए 201 फर्जी शिक्षकों में से 137 शिक्षकों के वेतन का अभी तक आकलन नहीं हो सका है। विभाग अभी तक इनका लेखा-जोखा नहीं तैयार कर पाया है। इन फर्जी शिक्षकों को पकड़े जाने से पहले वेतन के रूप में कितने रुपए दिए गए।
64 शिक्षकों से नहीं हो पाई, 12.62 करोड़ रुपए की वसूली
बेसिक शिक्षा विभाग ने मंडल में पाए गए कुल 201 शिक्षकों में से 64 शिक्षकों के वेतन का आकलन कर लिया है। विभाग ने इन्हें वेतन के रूप में 12.62 करोड़ रुपए दिए थे। इन शिक्षकों से वेतन रिकवरी करने में विभाग को पसीने छूट रहे हैं।
मंडल के चारों जनपदों में करीब 11 हजार शिक्षकों की हुई नियुक्तियां
देवीपाटन मंडल के चारों जनपदों में वर्ष 2008 से लेकर अब तक करीब 11 हजार शिक्षकों की नियुक्तियां हुई थी। शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद एसटीएफ और स्थानीय स्तर पर जांच शुरू हुई थी। इनमें कई मुकदमे भी दर्ज कराए गए थे।
मानव संपदा पोर्टल से हुआ खुलासा
मानव संपदा पोर्टल पर जब शिक्षकों के अभिलेख अपलोड किए गये। इसके साथ ही आधार व पैन कार्ड वेतन खातों से लिंक होने के बाद फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ। इसमें एक ही शैक्षिक प्रमाण पत्र पर दो-दो अध्यापक नौकरी करते पाए गए। इन फर्जी शिक्षकों की सेवा समाप्त कर इनके ऊपर मुकदमा दर्ज कराया गया।
सहायक शिक्षा निदेशक बोले
सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन बन ने बताया कि फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाई करने के लिए सभी बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक दशा में वेतन की वसूली करनी है। इस में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
Published on:
18 Dec 2022 12:37 pm
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