2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कभी देश के 5वें राष्ट्रपति ने यहां ग्रहण की थी शिक्षा, अब राम भरोसे चल रहा राजकीय विद्यालय

भगवान भरोसे फखरुद्दीन अली अहमद राजकीय इण्टर कॉलेज की शिक्षण व्यवस्था, 10 अध्यापकों पर 400 बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी...

2 min read
Google source verification
Fakhruddin ali ahmad Government Inter College Gonda

गोण्डा. फखरुद्दीन अली अहमद राजकीय इण्टर कॉलेज का काफी गौरवशाली इतिहास रहा है। देश के पांचवें राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने इसी विद्यालय से शिक्षा ग्रहण की थी। लेकिन यह विद्यालय अब अपने आस्तित्व के संकट से जूझ रहा है। उधारी के प्राचार्य व शिक्षकों की भारी कमी के चलते यहां की शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है।

मुख्यालय स्थित शहर के इस विद्यालय में एक समय था जब यहां पर प्रवेश लेने के लिए अभिभावकों व छात्रों को काफी पसीना बहाना पड़ता था। समय के साथ-साथ शासन प्रशासन की घोर उपेक्षा के कारण यह विद्यालय बद से बद्दतर हो गया। हालत यह है कि यहां पर शिक्षकों के 35 पद स्वीकृत हैं, जिसके सापेक्ष महज 10 अध्यापक वर्तमान समय में तैनात हैं। इन अध्यापकों पर चार सौ छात्रों को पढ़ाने का जिम्मा है।

उधारी के प्राचार्य के बल पर चल रहा कॉलेज
फखरुद्दीन अली अहमद राजकीय इण्टर कॉलेज में विगत कई वर्षों से किसी स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति नहीं हो सकी है। उधारी के प्राचार्य के बल पर किसी तरह काम चल रहा है। विज्ञान, गणित, अंग्रेजी जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों के यहां पर अध्यापक है हीं नहीं। अब अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां के छात्र इन विषयों को कैसे पढ़ते होंगे। कहा जाता है कि अभी तक छात्रों का कोर्स भी पूरा नही हो सका है। यह हाल तब है जब छह फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। बताया जाता है कि वर्तमान शिक्षा सत्र में अध्यापकों की कमी के कारण इस विद्यालय में कला विषयों के छात्र का प्रवेश ही नहीं लिया गया।

यह भी पढ़ें : जब इंटर कॉलेज में स्टूडेंट्स के बीच पहुंची ये महिला IAS अफसर, बच्चों का लिया टेस्ट और दिया गुरुमंत्र

डीएम गोंडा की सराहनीय पहल
एक कार्यक्रम के दौरान डीएम जेबी सिंह ने यहां पर पढ़नेवाले छात्रों के दर्द को समझा और अपने मताहतों को बच्चों के भविष्य संवारने का खाका तैयार करने को कहा। अब जिले के आला अधिकारी यहां के बच्चों का कोर्स पूरा करवाने के लिए क्लास ले रहे हैं। प्रशासन के इस पहल को छात्र सराहना करते नहीं थकते हैं।

क्या कहते हैं प्राचार्य
इस सम्बन्ध में विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि मैं राजकीय कॉलेज मुण्डेरवा माफी में तैनात हूं। इस विद्यालय का अतिरिक्त प्रभार मुझे सौंपा गया है। अध्यापकों की कमी किसी से छिपी नहीं है। शिक्षा व्यवस्था काफी प्रभावित हुई है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए मैं स्वयं रसायन विज्ञान पढ़ा रहा हूं। मैंने अधिकारियों से विद्यालय के हालात पर बेबाकी से बात रखी थी, जिसपर डीएम की पहल से अधिकारी क्लास लेने लगे हैं। इससे हमारे छात्र काफी गदगद हैं।