
PM modi ने विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान पयागपुर में एक जनसभा संबोधित किया था। उन्होंने किसानों को छुट्टा जानवरों की समस्या से छुटकारा दिलाने की बात कहा था। अब तक समाधान ना होने पर किसानों ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है।
दरअसल बहराइच जिले की पयागपुर विधानसभा क्षेत्र के किसानों ने प्रधानमंत्री को पत्र और जनसुनवाई पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराया है। इस पत्र पर कुछ ग्राम प्रधान सहित 50 लोगों के हस्ताक्षर हैं। पत्र में कहा गया है कि 22 फरवरी 2022 को आपने विधानसभा पयागपुर की जनसभा में कहा था, हम उत्तर प्रदेश के किसानों को छुट्टा जानवरों से हो रही दिक्कत को गंभीरता से ले रहे हैं।
हम इसका समाधान भी खोज कर लाए हैं। 10 मार्च 2022 को आचार संहिता समाप्त होने के बाद हम योजनाओं को लागू कर देंगे। परंतु विडंबना यह है इस संबोधन को एक वर्ष पूरे हो चुके हैं। अभी तक छुट्टा जानवरों की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
छुट्टा जानवरों के लिए बनाई गई योजना, कागजों तक सीमित
शिकायतकर्ता पंकज कुमार तिवारी सहित अन्य किसानों ने पत्र भेजे जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि छुट्टा जानवरों के लिए बनाई गई योजना कागजों तक सीमित है। दिन प्रतिदिन यह समस्या विकराल होती जा रही है। उन्होंने कहा कि अब किसानों के पास कृषि से पलायन करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा छुट्टा जानवरों की समस्या को प्राथमिकता से लिया जाना किसानों के लिए एक बड़ी सौगात थी। आपके संबोधन के बाद किसानों को एक आस जगी थी। अब इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
2024 लोकसभा चुनाव में प्रफुल्लित ह्रदय से कर सके आपका समर्थन
पीएम को भेजे गए पत्र में किसानों ने कहा है कि लोकसभा चुनाव 2024 में एक वर्ष बचा है। छुट्टा जानवरों का स्थाई समाधान ना होने पर किसानों का विश्वास सरकार के प्रति नहीं रह जाएगा। सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर है, तो क्यों ना मन की बात कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं का बातचीत करके फीडबैक लिया जाए।
कुछ योजनाएं ऐसी हैं। जो धरातल पर नहीं दिख रही है। इसका अर्थ यह है कि सरकार को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। यह गहन चिंतन का विषय है। समस्या का समाधान कराया जाए। ताकि 2024 लोकसभा के चुनाव में प्रफुल्लित ह्रदय से आप का समर्थन कर सकें।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने पत्र को लिया संज्ञान
प्रधानमंत्री कार्यालय से इस पत्र को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से यह पत्र जिला प्रशासन बहराइच को भेजा गया है। इस पत्र पर प्रशासन ने शिकायतकर्ता से बातचीत भी किया। लेकिन निस्तारण के नाम पर हर कोई एक दूसरे विभाग पर जिम्मेदारी डालते रहे।
खंड विकास अधिकारी विशेश्वरगंज ने पोर्टल पर दिया जवाब
खंड विकास अधिकारी ने जांच के बाद जनसुनवाई पोर्टल पर जवाब दिया है कि शिकायत के क्रम में ग्राम पंचायत अधिकारी ने अवगत कराया है, कि विशेश्वरगंज के अमकोलवा और लखन गोंडा में अस्थाई पशु आश्रय केंद्र स्थापित हैं। पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर पशु चिकित्साधिकारी के माध्यम से पहुंचाया जा सकता है।
पशुपालन विभाग ने खड़े किए हाथ
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी बहराइच ने डीएम को भेजे गए पत्र में कहा है कि शिकायतकर्ता से दूरभाष पर बातचीत की गई है। और उन्हें बताया गया है कि गौशाला निर्माण और छुट्टा जानवरों को पकड़ने का काम पशुपालन विभाग से संबंधित नहीं है। समय-समय पर डीएम ने खंड विकास अधिकारियों को इसके लिए आदेश जारी किए हैं। छुट्टा जानवरों को पकड़वाने और भरण पोषण का काम खंड विकास अधिकारी से संबंधित है। पत्र में कहा गया है कि दो नवीन गौ आश्रय केंद्र निर्माणाधीन हैं। उनका निर्माण कार्य पूरा होते ही आवारा पशुओं को संरक्षित करा दिया जाएगा।
एक दूसरे विभाग पर डालते रहे जिम्मेदार समस्या अब भी बरकरार
शिकायतकर्ता सहित पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले किसानों ने बताया कि जिम्मेदार शिकायतों का निस्तारण करने के बजाए एक दूसरे विभाग पर जिम्मेदारी डाल कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। जिससे हम लोगों की समस्या अब भी ज्यों की त्यों बनी हुई है।
Published on:
09 Mar 2023 05:53 pm
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