1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अनिल राजभर बोले- सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कंफ्यूज, स्वामी प्रसाद अखिलेश के इशारे पर दिया बयान

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राहुल गांधी को लेकर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने काफी चौंकाने वाला बयान दिया है।

2 min read
Google source verification
untitlejdjd.jpg

प्रदेश के श्रम और सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर एक दिन के दौरे पर गोंडा पहुंचे। केंद्रीय बजट पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा किया।

सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा, “सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कंफ्यूज हैं। पूरी पार्टी ढोंगी है। स्वामी प्रसाद मौर्य का बयान सपा प्रायोजित है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा अध्यक्ष के इशारे पर यह बयान दिया है।”

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “मंदिर जाने से अखिलेश को कोई रोक रहा है क्या। किसान, नौजवान, और विकास की बात करने के बजाए जनता का ध्यान भटकाने के लिए अनर्गल बयानबाजी की जा रही है।

यूपी में कांग्रेस का कोई नाम लेने वाला नहीं

श्रम और सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने एक सवाल के जवाब में कहा, “यूपी में कांग्रेस का अब कोई नाम लेने वाला नहीं है। राहुल गांधी को सिर्फ एक बात समझ में आती है। सत्ता पर हुकूमत करने का उनका बैनामा है।”

“देश के 75 साल के इतिहास में उत्तर प्रदेश के उच्च सदन यानी विधान परिषद कांग्रेस मुक्त हो गई। यह बात राहुल गांधी कैसे कहें, वह विकास की बात कर नहीं सकते हैं।”

राहुल गांधी के बीजेपी और सीएम योगी पर दिए गए बयान पर कहा, “आसमान पर थूकने वालों का हश्र बुरा होता है।” राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा जन भावनाओं का आदर करना सीख ले। यह उनकी पार्टी के लिए हितकर होगा।

यह भी पढ़ें; एक मैसेज से खाली हो गया बैंक अकाउंट, ऐसे मैसेज से रहें सावधान, वरना आप भी हो सकते ठगी के शिकार

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का बजट सरकार ने 25 लाख करोड़ किया

गोंडा के प्रभारी मंत्री ने कहा, “ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन को लेकर दुनियाभर के निवेशकों का समर्थन मिल रहा है। भारत के निवेशकों की रुझान को देखते हुए 15 लाख करोड़ की बजट को 25 लाख करोड़ करना पड़ा।”

रामायण श्रद्धा संस्कृत का सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला ग्रंथ

उन्होनें कहा, “रामायण श्रद्धा, संस्कृति का दुनिया में सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला ग्रंथ है। रामचरितमानस को राजनीति में नहीं घसीटना चाहिए । वरना उनका राजनीति का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।”

Story Loader