19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अयोध्या की सीमा से सटे जिलों में बनेंगे प्रवेश द्वार कराएंगे अयोध्या की भव्यता का एहसास, यात्रियों को मिलेगी ये सुविधाएं

राम नगरी अयोध्या को भव्य बनाने के लिए अयोध्या से सटे जनपद की सीमा पर 6 प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे।

2 min read
Google source verification
ohcdbmtd.jpg

अयोध्या की सीमा से सटे जनपद गोंडा बस्ती और अयोध्या को मिलाकर 6 प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। जिसमें गोंडा में दो प्रवेश द्वार बनाने के लिए 14 हेक्टर जमीन की जरूरत पड़ेगी। प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए किसान और प्रशासन के बीच कई बार बैठक भी हो चुकी है। इस बैठक में प्रशासन और कुछ किसानों के बीच बात बन गई है। प्रशासन का दावा है कि कटरा और इस्माइलपुर के कुल 90 किसानों में से 65 किसान अपनी सहमति पत्र भी दे चुके हैं।

गोंडा में बनेंगे दो प्रवेश द्वार

गोंडा में दो प्रवेश मार्ग बनेगा। इसमें एक प्रवेश द्वार पुराने नए घाट मार्ग पर कटरा भोगचंद में, जबकि दूसरा फोरलेन मार्ग पर इस्माइलपुर गांव में बनना है। प्रवेश मार्ग की भव्यता से भव्य अयोध्या का एहसास होगा। प्रवेश द्वार के लिए जमीन अधिग्रहण की कवायद तेज हो गई है।

एसडीएम बोले, किसानों को सर्किल रेट से 4 गुना अधिक मिलेगा मुआवजा

एसडीएम शत्रुघ्न पाठक ने बताया कि कटरा और इस्माइलपुर में प्रवेश द्वार बनाने के लिए 14 हेक्टर जमीन की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण के सचिव सत्येंद्र सिंह सिंह की मौजूदगी में किसानों के साथ बातचीत हुई है। कटरा में 50 किसानों की जमीन पड़ रही है। जिसमें 40 किसान अपना सहमति पत्र दे चुके हैं। जबकि इस्माइलपुर में 40 किसानों की जमीन पड़ रही है। इसमें भी 20 किसान अपनी सहमति पत्र दे चुके हैं।

जानिए क्या है, सर्किल रेट

एसडीएम ने बताया कि सड़क के किनारे की जमीन की कीमत 80 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर, चकमार्ग के किनारे की जमीन की कीमत 75 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तथा अंदर की जमीन का पचास लाख रुपये दिया जाएगा।

प्रवेश द्वार के बगल रहेगी यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था

अयोध्या की सीमा पर बनने वाले प्रवेश द्वार को बहुत ही आकर्षक ढंग से बनाया जाएगा। प्रवेश द्वार के बगल में यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था रहेगी। उनके खाने पीने के लिए रेस्टोरेंट्स भी रहेगा।

सरकार के तय मुआवजे से कुछ किसान असंतुष्ट

शासन ने किसानों को सर्किल रेट से 4 गुना अधिक मुआवजा देने के लिए शासनादेश जारी कर दिया है। सरकार द्वारा जमीन की जो कीमत तय की गई है। उससे कुछ किसान असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। किसानों के साथ हुई अधिकारियों की बैठक में प्रशासन ने इन्हें समझाने का प्रयास किया गया है। अभी कुछ किसानों से प्रशासन की बात नहीं बनी है।