
टपक दार सिंचाई पद्धति से किसान फसलों को जहां आवश्यकता अनुसार पानी दे सकते हैं। वहीं डीजल की भी बचत होगी। सिंचाई में लागत कम आने से एक तरफ जहां किसानों की लागत में कमी आएगी वही उत्पादन भी बढ़ेगा। इस पद्धति से किसान खेती कर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के घटक पर ड्रॉप मोर क्रॉप के अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई पद्धति से खेती करने पर 90 प्रतिशत का अनुदान देय होगा। मुख्य विकास अधिकारी ने योजना की समीक्षा करते हुए यह जानकारी दी गई कि सभी फसलों गेहूं, धान, चना, मटर, गन्ना, मसूर, तिल, धनिया, मिर्च, केला, पपीता आदि सभी फसलों में यह सुविधा उपलब्ध है। इच्छुक किसान को भूस्वामी होना आवश्यक है। उद्यान विभाग की साइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में ड्रिप सिंचाई पद्धति लगवाने पर अधिकतम एक लाख पचास हजार व्यय आता है। विभाग मे बहुत सी कंपनियों का पंजीकरण किया गया है। जो किसान के खेतों में ड्रिप सिंचाई संयंत्र लगाने का काम करती है। पंजीकरण के बाद इन कंपनियों में से किसी एक का चयन कर कार्य कराया जा सकता हैं। पहले अपने पास से धन व्यय कर अपने खेत पर कार्य करना होता है। कार्य पूर्ण होने पर सत्यापन के पश्चात 90प्रतिशत धनराशि भूस्वामी काश्तकार लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है। यदि लाभार्थी के पास पहले भुगतान करने के लिए पैसा नहीं है तो वह कंपनी से वार्ता कर उधारी पर कार्य करवा सकता है। सब्सिडी आने के बाद कंपनी को भुगतान कर सकता है। इसके लिए उसे कंपनी को पूर्व दिनांकित चेक शपथ पत्र के साथ देना होगा। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए किसानों को अपना खसरा, खतौनी बैंक पासबुक आधार कार्ड के साथ ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उसकी हार्ड कॉपी उद्यान विभाग में जमा करनी होगी। इस योजना के अंतर्गत किसानों का चयन पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर किया जाएगा।
Published on:
29 Oct 2022 09:15 pm

बड़ी खबरें
View Allगोंडा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
