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Gonda : सरयू-घाघरा का रौद्र रूप, 20 गांव में बाढ़ के पानी से घिरे, खतरे से 56 सेंमी ऊपर, त्रासदी शुरु

Gonda : बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद घाघरा नदी खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गुरुवार की सुबह आई केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक 106.636 पर पहुंच गई है। जिससे नदी से सटे 20 गांव बाढ़ के पानी से गिर गए हैं। इन गांव में बाढ़ की त्रासदी शुरू हो गई है।  

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नवाबगंज में गांव जाने वाले मार्ग पर बाढ़ का पानी

Gonda : नेपाल के पहाड़ी इलाकों लगातार में हो रही बारिश के कारण बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद घाघरा और सरयू नदी पूरे उफान पर है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक गुरुवार की सुबह घाघरा नदी खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जिससे पांच विकासखंड के 20 गांव बाढ़ से पूरी तरह से घिर गए हैं। प्रशासन ने इन गांव को हाई अलर्ट किया है। ग्रामीण सुरक्षित ठिकानों के लिए पलायन करने लगे है। हालांकि प्रशासन पानी से घिरे गांव के लोगों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने का दावा कर रहा है।

यूपी के गोंडा जिले में घाघरा और सरयू नदी में बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कर्नलगंज और तरबगंज तहसील के 20 गांव पानी से पूरी तरह घिर चुके है। प्रशासन ने इन गांवों के लोगों को बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। बीते बरस सरयू नदी की उफान से ढेमवा घाट पुल के पास 600 मीटर सड़क बह गई थी। करीब एक वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद अभी तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका। जिससे अयोध्या और लखनऊ राजमार्ग जोड़ने वाला यह शॉर्टकट मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया। इस बार सरयू नदी में उफान आने से ढेमवा घाट पुल में कटान शुरू हो गई। संभावित खतरे के मद्देनजर प्रशासन ने पुल के रास्ते से आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया है।गुरुवार को गिरजा बैराज से 180160 क्यूसेक शारदा बैराज से 149078 तथा सरयू बैराज से 11687 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया है। कुल मिलाकर 340925 क्यूसेक पानी बैराजों से छोड़ा गया है। घाघरा का जलस्तर प्रति घंटे 1 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। मंगलवार को जलस्तर में काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है।

गांव में बढ़ा बाढ़ का खतरा, दुश्वारियां शुरू

बाढ़ का खतरा बढ़ने से प्रशासन करनैलगंज और तरबगंज तहसील में सक्रिय हो गया है। अधिकारी लगातार निगरानी कर लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील कर रहे हैं। फिर भी अभी ग्रामीणों को गांव में पानी घुसने का इंतजार है।तरबगंज में ऐली-परसौली के पास तटबंध के किनारे और उमरीबेगमगंज के पास लोग शरण ले रहे हैं। वहीं, नवाबगंज में पटपरगंज के साथ ही कटरा-अयोध्या मार्ग के किनारे गांवों के लोग आ रहे हैं। सरयू के बढ़े जलस्तर से नदी व तटबंध के बीच के गांव नउवन पुरवा, परसावल, नैपुरा, माझा रायपुर पानी से चौतरफा घिर गए हैं। नवाबगंज क्षेत्र के दत्तनगर के बैसिया, पाड़ी, टाड़ी जिव रक्खन पुरवा आदि मजरों में नदी का पानी भर गया है। साथ ही साखीपुर, गोकुला, चौखड़िया, तुलसीपुर माझा, जैतपुर, माझाराठ में पूरी तरह पानी भर गया है।

नदी के तटवर्ती गांव में बढ़ा संक्रामक रोगों का खतरा

नदी के तटवर्ती 24 पंचायतों के गांव ऐसे हैं। जो कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। बाढ़ का संकट तो है।

गांव के किनारे तक पानी पहुंच गया है। इससे संक्रामक रोग भी फैल रहे हैं। नवाबगंज, तरबगंज, करनैलगंज, परसपुर, बेलसर के स्वास्थ्य केंद्रों पर लगातार माझा के बीमार लोग पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने भी स्वास्थ्य टीमों को सक्रिय कर दिया है। जिससे लोगों का परीक्षण कर दवाएं दी जा रही हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर चिक्तिसकों को भी निर्देश दिया गया है। कि दवाओं की कमी न रहने पाए।

एडीएम बोले- अभी किसी गांव की आबादी में नहीं घुसा पानी

अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि आज हमने बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव का दौरा किया है। अभी किसी भी गांव में आबादी में पानी नहीं घुसा है। हमारी 28 बार चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। सिंचाई विभाग के अभियंता लगातार बांधों की निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा ड्रोन कैमरा और सीसीटीवी से बांध की निगरानी की जा रही है। घाघरा खतरे के निशान से आज 21 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई हैं। फिर भी बांध को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र जरूर प्रभावित हुआ है।

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