
नाव से नदी पार करते लोग
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का पानी सरयू नदी में पहुंचने से जलस्तर में तेजी से इजाफा होने लगा है। ऐसे में जल्द ही बाढ़ की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। तटीय क्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीण परेशान हैं। वह सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जुट गए हैं। हालांकि 2 दिनों से जलस्तर स्थिर है।
एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर सोमवार को खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 104.806 मीटर रिकार्ड किया गया है। जल मापक जगदीश कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। सरयू ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता बीबी पॉल ने बताया कि गिरीजापुरी बैराज से 5 जुलाई को 107.287 लाख क्यूसेक पानी गिरजा बैराज से 25352 शारदा बैराज तथा 2154क्यूसेक पानी सरयू बैराज से छोड़ा गया। बुधवार को पानी का कुल डिस्चार्ज 134793 क्यूसेक रहा। बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण घाघरा और सरयू नदी खतरे के निशान को छूने के लिए बेताब हैं। हालांकि एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान से 1.27 मिली मीटर नीचे बह रही है। अधिकारी लगातार एल्गिन चरसडी तटबंध पर नजर बनाए हुए है। 2 दिन पहले जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने एल्गिन चरसड़ी तटबंध का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने तटबंध से सटे गांव में बाढ़ के संबंध में जानकारी लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ के समय गांव वासियों का कोई नुकसान न होने पाए इसका विशेष ध्यान रखे जाये। इसके साथ ही डीएम ने बाढ़ चौकी गौरासिंहनापुर में बैठक कर वहां डियूटी पर तैनात सभी विभाग के कर्मचारियों से जानकारी ली। और कहा कि बाढ़ से पहले यहां के सारी तैयारियां पूर्ण कर लें
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नदी का जलस्तर बढ़ने से रेलवे पुल का निर्माण कार्य रोका गया
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से जरवल के पास नदी पर बन रहे। रेलवे के तीसरे ब्रिज का निर्माण कार्य रोक दिया गया है। बीते करीब 6 माह से सरयू नदी पर ब्रिज का निर्माण चल रहा था। माना जा रहा है कि जलस्तर घटने के बाद निर्माण कार्य पुनः शुरू किया जाएगा।
Published on:
05 Jul 2023 04:01 pm

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