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Gonda News : मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय को लेकर 2 जिलों के बीच छिड़ी जंग जानिए पूरा मामला

योगी सरकार ने देवीपाटन मंडल में मां पाटेश्वरी के नाम से विश्वविद्यालय खोलने का फैसला किया है। इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। गोंडा में जमीन भी चिन्हित कर ली गई है।

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गोंडा के डोमाकल्पी में जमीन का निरीक्षण करते डीएम

गोंडा के डोमाकल्पी में जमीन का निरीक्षण करते डीएम

गोंडा बलरामपुर के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के निर्माण की बात दोहराई थी। लेकिन गोंडा में जमीन चिन्हित होने के बाद यहां पर निर्माण का रास्ता साफ हो गया था।

मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय निर्माण के लिए बजट में प्रावधान करने के बाद 50 लाख रुपए की धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई है। कर्नलगंज तहसील के डोमाकल्पी में विश्वविद्यालय के लिए 58.13 बीघे सरकारी जमीन भी चिन्हित कर ली गई। जिलाधिकारी डॉ उज्जवल कुमार ने जमीन का मौका मुआयना भी किया था। उसके बाद लोक निर्माण विभाग को वहां तक सड़क निर्माण के लिए एस्टीमेट बनाने को कहा गया।

तुलसीपुर के विधायक का बयान आने के बाद छिड़ी जंग

तुलसीपुर से बीजेपी विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने मीडिया को दिए गए बयान में कहा कि देवीपाटन मंदिर की बैठक में मुख्यमंत्री के सामने हमने विषय रखा था। जन भावना है कि मां पाटेश्वरी के नाम से बनने वाला विश्वविद्यालय बलरामपुर जनपद और तुलसीपुर के आसपास बने। इस पर मुख्यमंत्री ने बहुत ही सकारात्मक दृष्टि अपनाते हुए वहां पर मौजूद जिलाधिकारी और कमिश्नर को निर्देश दिया कि तुलसीपुर और बलरामपुर जिले के आसपास जमीन की तलाश की जाए। उन्होंने कहा कि मां पाटेश्वरी के नाम से बनने वाला विश्वविद्यालय कहीं किनारे ना चला जाए। यह सकारात्मक सोच है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। जिसका परिणाम यह रहा कि तीन चार जगहों पर जमीन चिन्हित कर ली गई है।

बीजेपी विधायक के बयान के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुआ युद्ध

तुलसीपुर के बीजेपी विधायक के बयान के बाद सोशल मीडिया पर गोंडा में विश्वविद्यालय बनने का तर्क दिया गया। जिसमें कहा गया कि गोंडा देवीपाटन मंडल का मुख्यालय है। मंडल के तीनों जनपदों के लोग गोंडा किसी ना किसी काम से आते हैं। ऐसे में यदि उनके बच्चे विश्वविद्यालय में पढ़ेंगे तो वह मुलाकात भी कर सकते हैं। यहां पर विश्वविद्यालय के लिए करीब 58.13 एकड़ सरकारी जमीन भी उपलब्ध है। अन्य स्थानों पर जमीन अधिग्रहण करने पर अनावश्यक व्यय के साथ विवाद भी उत्पन्न हो सकता है। रेल मार्ग से जुड़ा होने के कारण देश के कोने कोने से छात्रों को आने में सुविधा होगी। डोमाकल्पी में जहां विश्वविद्यालय का निर्माण होना है। वहां से लखनऊ राजमार्ग की दूरी मात्र 5 किलोमीटर है। बलरामपुर और तुलसीपुर बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र है। ऐसे में वहां विश्वविद्यालय का निर्माण हो जाने से बरसात के दिनों में बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो सकती है।

अभिलेखों की जांच करते डीएम IMAGE CREDIT: Patrika original

बीजेपी सांसद बोले गोंडा में बनेगा विश्वविद्यालय

कैसरगंज से बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहां की यूनिवर्सिटी कहीं जा रही है। उन्हें और प्रशासन को ऐसी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां तक मुझे जानकारी है। विश्वविद्यालय गोंडा में ही बनेगा।

पूर्व सांसद ने सीएम को लिखा पत्र

श्रावस्ती के पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहां है कि बलरामपुर श्रावस्ती जनपद के समस्त महाविद्यालय सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय से संबंध है। ऐसे में बलरामपुर श्रावस्ती जनपद के छात्र छात्राओं को 100 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना बलरामपुर जनपद में कराए जाने की मांग किया है। उनका यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

गोंडा की नेताओं ने साधी चुप्पी

सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय गोंडा में निर्माण कराए जाने को लेकर बहस चल रही है। बलरामपुर में विश्वविद्यालय को लेकर हस्ताक्षर अभियान भी शुरू कर दिया गया है। जबकि गोंडा के सात विधायक दो सांसदों को इस विषय में कोई जानकारी नहीं है। विश्वविद्यालय गोंडा में निर्माण के लिए किसी सांसद या विधायक का पत्र भी सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया पर नेताओं को लेकर भी तंज कसे जा रहे हैं। फिर भी अभी तक नेताओं ने अपनी चुप्पी तोड़ी नहीं है।