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अब गर्भवती महिलाओं के लिए खुशखबरी, प्राइवेट जांच केंद्रों पर भी मिलेगी मुफ्त जांच की सुविधा, जानिए इसके नियम

योगी सरकार लोकसभा चुनाव से पहले गर्भवती महिलाओं को एक और बड़ी सहूलियत दिया है।

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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड और अन्य जरूरी जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए महिला चिकित्सालय जाना पड़ता है। वहां पर भी किसी दिन अल्ट्रासाउंड के अधिक केस आने के कारण कई बार तमाम महिलाओं को वापस लौटना पड़ता है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए सरकार ने गर्भवती महिलाओं को बड़ी सहूलियत दिया है।

स्वास्थ्य केंद्रों से गर्भवती महिलाओं को मिलेगा ई -वाउचर

प्रदेश के कुछ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध है। लेकिन विभिन्न तकनीकी कारणों से कहीं मशीन खराब पड़ी है, तो कहीं टेक्नीशियन नहीं है। जिसके कारण गर्भवती महिलाओं की जांच नहीं हो पा रही है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाया है। अपने नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के बाद यदि किसी कारण बस किसी महिला का अल्ट्रासाउंड या अन्य जांच नहीं हो पा रही है।तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उन्हें पंजीकृत किया जाएगा। इसके बाद उन्हें जांच कराने के लिए स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक ई- वाउचर देंगे। बाउचर मिलने के बाद महिलाएं किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर अपनी जांच करा सकेगी। इसका खर्च सरकार उठाएगी।

स्वास्थ्य केंद्रों के नजदीकी डायग्नोसिस सेंटर पर महिलाओं को भेजा जाएगा

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाली महिलाओं का पंजीकरण किया जाएगा। इसके बाद उन्हें नजदीकी डायग्नोसिस सेंटर ई- बाउचर के साथ भेजा जाएगा। वैसे महिलाएं किसी भी प्राइवेट सेंटर पर जांच करा सकती हैं। जिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से ई- बाउचर बनाया जाएगा। संबंधित अल्ट्रासाउंड केंद्र को उसी स्वास्थ्य केंद्र पर वाउचर जमा करना होगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी। वाउचर जमा होने के बाद अल्ट्रासाउंड केंद्र को भुगतान मिल जाएगा।

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अल्ट्रासाउंड फ्री होने से होगी 5 हजार की बचत

गर्भवती महिलाओं को प्रसव होने तक 4 से 5 अल्ट्रासाउंड कराने पड़ते हैं। एक अल्ट्रासाउंड कराने पर एक हजार से लेकर 12 सौ रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में सरकार द्वारा यह सुविधा दिए जाने के बाद गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे।

सीएमओ बोली - आदेश मिला जल्द लागू होगी व्यवस्था

सीएमओ डॉ रश्मि वर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को किसी भी तरह की समस्या ना हो के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। जिस स्वास्थ्य केंद्र पर जांच की सुविधा नहीं है। वहां पी पी मॉडल लागू किया गया है। ई- बाउचर भी पी पी मॉडल का एक हिस्सा है। जल्द ही सभी स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षकों को ई वाउचर कैसे बनाना है। इसके विषय में विधिवत जानकारी दी जाएगी।

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