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Gonda SP leader murder case : ओम प्रकाश हत्याकांड के आरोपी बीजेपी सभासद के गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन, 48 घंटे बाद पुलिस के हाथ खाली

सपा कार्यकर्ता ओम प्रकाश हत्याकांड में भाजपा सभासद की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन हुआ। एसडीएम के लिखित आश्वासन के बाद परिजन मान गए। मौके पर पहुंचे सपा नेताओं ने परसपुर पुलिस पर पास्को एक्ट जैसे मामले की धारा हटाए जाने को लेकर सवाल खड़ा किया।

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Gonda SP leader murder case

सपा कार्यकर्ता की हत्या के बाद घर पर मौजूद सपा नेता पूर्व मंत्री

Gonda SP leader murder case : सपा कार्यकर्ता की बीते शुक्रवार को दिनदहाड़े भाजपा सभासद और उनके बेटों ने धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी। हाथ पैर समेत कई अंगों को काट दिया। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई हत्या की वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिजनों के साथ भारी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया। एसडीएम के 24 घंटे की लिखित आश्वासन के बाद परिजन मान गए। लेकिन इस पूरे मामले में परसपुर पुलिस की लापरवाही खुलकर सामने आ गई।

Gonda SP leader murder case : नगर पंचायत चुनाव से चला रंजिस का सिलसिला बढ़ता गया। भाजपा सभासद के सामने चुनाव लड़ने का खामियांजा सपा कार्यकर्ता को जान देकर चुकानी पड़ी। सपा नेताओं की माने तो पुलिस की शिथिल कार्यशैली हत्या का कारण बन गई। यदि समय के रहते पुलिस ने कड़ी कार्यवाई किया होता है तो हो सकती है कि सपा नेता की जान बच जाती। सपा की पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने धरना प्रदर्शन के दौरान भाजपा विधायक का बिना नाम लिए उन पर सीधा आरोप लगाया। उनका कहना था कि सत्ताधीस के इशारे पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं किया। भाजपा सभासद के परिवार वालों ने इस कदर परेशान किया कि पूरे परिवार का जीना दुबर हो गया। इनके बेटियों के साथ छेड़खानी हुई इस मामले में पुलिस ने पास्को एक्ट की धाराओं में मुकदमा तो दर्ज कर लिया। लेकिन बाद में न जाने किस दबाव पास्को एक्ट जैसी धारा को हटा दिया गया। सपा नेताओं का कहना था कि इससे आरोपियों का मनोबल बढ़ गया।

मृतक की पत्नी बोली- पहले हमले में पुलिस ने कार्रवाई किया होता तो बच जाती मेरे पति की जान

Gonda SP leader murder case : मृतक ओमप्रकाश सिंह की पत्नी नीलम सिंह ने परसपुर पुलिस पर लापरवाही बरतने और आरोपियों से मिलीभगत होने का गंभीर आरोप लगाया है। नीलम सिंह का आरोप है कि उदयभान और उसके परिजन इस घटना से पहले भी दो बार उसके परिवार पर हमला कर चुके थे। उसके पति और बेटे की पिटाई भी की गई थी। लेकिन जब थाने पर इसकी शिकायत की गई तो पुलिस ने सत्ता पक्ष के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं की। इसे आरोपियों के हौसले बुलंद थे। पत्नी का कहना था कि यदि समय के रहते पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई करती तो मेरे पति की जान बच सकती थी। फिलहाल परसपुर पुलिस ने इस मामले में भाजपा सभासद और उसके तीन बेटों समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। थानाध्यक्ष का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।

फिर से खुलेगी पास्को एक्ट की फाइल एसपी ने दिए आदेश

Gonda SP leader murder case : भाजपा सभासद के बेटे के खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमे में पुलिस ने पास्को एक्ट की धारा खारिज कर दी थी। जिससे आरोपियों के मनोबल बढ़ गए थे। इसी का नतीजा रहा कि मृतक पर इससे पहले भी दो बार हमला हुआ। उस मामले में भी पुलिस शिथिल रही। एसपी ने पास्को एक्ट मुकदमा की दोबारा जांच करने की निर्देश दिए हैं।

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