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World Friendship Day 2022 दो शिक्षकों के बचपन से लेकर उम्र के अंतिम पड़ाव तक दोस्ती की कहानी जानकर रह जाएंगे दंग

गोंडा बचपन से लेकर उम्र के अंतिम पड़ाव में चल रहे दो शिक्षकों के दोस्ती की कहानी जानकर आप हैरान हो जाएंगे। बचपन से लेकर आज तक एक जैसी वेशभूषा क्षण मात्र के लिए कभी भी दोनों लोगों के बीच मनमुटाव तक ना होना किसी अजूबे से कम नहीं है। इनकी मित्रता की मिसाल देख हर कोई दंग रह जाता है ।

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जिले के मनिकापुर क्षेत्र के निवासी बेसिक शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त शिक्षक राम सजन पांडे और राम बहादुर त्रिपाठी की। इन दोनों मित्रों की जोड़ी मनकापुर ही नहीं मनकापुर से बाहर भी अगर दोनों में से कोई एक दिख जाता है तो निश्चित ही दूसरे मित्र के मौजूदगी पूर्ण भरोसे से व्यक्त किया जा सकता है। इन्होंने तीर्थ यात्रा या कहीं घूमने आदि के लिए भी योजना बनाई तो दोनों मित्र एक साथ निकले। राम बहादुर त्रिपाठी की माने तो मनकापुर कस्बे में स्थित एपी इंटर कॉलेज में इंटर की पढ़ाई के दौरान राम सजन पांडे से उनकी मित्रता शुरू हुई जो 60 की उम्र पार भी पूर्ण रूप से निभ रही है। एक साथ बीटीसी की तैयारी कर दोनों शिक्षा विभाग में कार्यरत हो गए और जन्मतिथि के उम्र के कारण एक वर्ष के अंतराल में शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए राम बहादुर त्रिपाठी कहते हैं कि उनके चश्मे घड़ी कपड़े एक ही जैसे सिर्फ इसलिए रहते हैं कि इनकी खरीदारी जब भी होती है तब एक साथ होती है। जिस कपड़े का कुर्ता एक मित्र बनवाएगा उसी वक्त दूसरे मित्र का भी कुर्ता उसी कपड़े से बनेगा।

श्री त्रिपाठी ने बताया कि हम दोनों का घर भी एक साथ बना है और दोनों के परिवार भी एक परिवार के जैसे ही रहते हैं। अक्सर संबंधों को लेकर यह भी कहा जाता है कि थोड़ी कहासुनी - नाराजगी से आपसी संबंध और मजबूत होते है लेकिन राम सजन पाण्डेय के अनुसार हम दोनो के बीच कभी भी ऐसी नौबत नहीं आई जिसमे एक दूसरे से कुछ क्षण मात्र के लिए भी नाराजगी जैसी बात हो।

अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस

आज के आधुनिक काल में अगस्त महीने के पहले रविवार को हर साल फ्रेंडशिप डे यानी मित्रता दिवस के दौर पर मनाया जाता है। भारत समेत कई देश मित्रता दिवस को अपने अपने तरीके से मनाते हैं। इस बार दोस्ती का ये खास दिन 7 अगस्त को मनाया जा रहा है। नाम से ही स्पष्ट है फ्रेंडशिप डे दोस्ती को समर्पित दिन होता है। इस दिन लोग अपने दोस्तों के साथ पार्टी करते हैं, घूमते फिरते हैं और अपनी दोस्ती को सेलिब्रेट करते हैं। मदर्स डे या फादर्स डे की तरह की फ्रेंडशिप डे को मनाने की परंपरा है। लेकिन फ्रेंडशिप डे मनाने वाले लोगों के मन में ये सवाल जरूर आता होगा कि दोस्तों के लिए एक खास दिन समर्पित करने के पीछे क्या वजह थी? आखिर सबसे पहले फ्रेंडशिप डे कब और क्यों मनाया गया? फ्रेंडशिप डे का इतिहास क्या है और इस दिन का क्या महत्व है? 7 अगस्त 2022 को अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस मनाने से पहले जानिए इस दिन का इतिहास और फ्रेंडशिप डे से जुड़ी रोचक बातें।

फ्रेंडशिप डे मनाने के पीछे की वजह

फ्रेंडशिप डे को मनाने की दिलचस्प कहानी है।* अमेरिका में 1935 में अगस्त के पहले रविवार के दिन एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। कहा जाता है कि इस हत्या के पीछे अमेरिकी सरकार थी। जिस व्यक्ति की मौत हुई थी, उसका एक प्रिय मित्र था। जब दोस्त की मौत की सूचना मिली तो वह बहुत हताश हो गया। दोस्त के जाने के गम में उस शख्स ने भी आत्महत्या कर ली।

अगस्त के पहले रविवार को ही क्यों मनाते हैं फ्रेंडशिप डे

दोस्ती और लगाव के इस रूप को देख कर अमेरिकी सरकार ने अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे के तौर पर मनाने का फैसला लिया। धीरे धीरे ये दिन प्रचलन में आ गया और भारत समेत अन्य कई देशों में अगस्त के पहले रविवार को मित्रता दिवस के तौर पर मनाया जाने लगा।

फ्रेंडशिप डे का महत्व

हर व्यक्ति की जीवन में कोई न कोई दोस्त जरूर होता है। दोस्ती की न तो उम्र होती है और न ही जाति व राष्ट्रभेद। दोस्ती की भावना विश्वास, एकजुटता और खुशहाली को प्रोत्साहित करती है। ऐसे में दोस्ती का महत्व जितना जरूरी है, उतना ही इस महत्व को हर दोस्त को महसूस कराना। इसलिए हर साल दोस्ती दिवस मनाया जाता है।

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