
मुख्यालय के विकास भवन प्रांगण में बीते 12 सितंबर से आउटसोर्सिंग कर्मचारी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के बैनर तले राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक के सभी कर्मचारी लगातार नौ दिनों से कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इधर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष को बर्खास्त कर दिया गया है। जिसके कारण कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ गया है। धरने पर बैठे एन आर एल एम के ब्लॉक मिशन प्रबंधक जयपाल सिंह ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर हम लोग धरने पर 9 दिनों से बैठे हैं। हम लोग कोई अलग से मांग नहीं कर रहे हैं बल्कि एचआर पॉलिसी के तहत हमें जो लिखित रूप से दिया गया है उसी को लागू करने की बात कर रहे हैं। मसलन हम लोगों की कोई बीमा पालिसी नहीं है। हम लोग फील्ड में जाते हैं यदि किसी कारण बस कुछ हो जाए। तो कोई रिस्क कवर नहीं है। साथ ही साथ हम लोगों की कोई मेडिकल पॉलिसी ही नहीं है। एचआर पॉलिसी के तहत प्रतिवर्ष 7 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि होनी थी। वह भी नहीं हो रही है। इस पॉलिसी के तहत समस्त भत्ते टीए, डीए चाइल्ड शिक्षा भत्ता, सेल्फ लर्निंग लैपटॉप, अलाउंस मोबाइल एवं इंटरनेट की सुविधा अब तक लागू नहीं की गई। ट्रांसफर नीति लागू ना होने के कारण हम लोग अपने घर से 7 सौ से 8 सौ किलोमीटर की दूरी पर नौकरी कर रहे हैं। ऐसे में एचआर पॉलिसी के तहत सारी नियम शर्ते लागू होनी चाहिए। जब तक लागू होती है। तब तक हम लोग अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन करते रहेंगे।
कर्मचारी बोले, हम कोई अलग से मांग नहीं कर रहे हैं, एचआर पॉलिसी में दी गई शर्तों को लागू किया जाए
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कर्मचारियों का कहना है कि हम लोग कोई अलग से मांग नहीं कर रहे हैं। बल्कि एचआर पॉलिसी के तहत हमें लिखित रूप में दिया गया है। उन नियम शर्तों को क्यों नहीं लागू किया जाता है। कर्मचारियों ने बताया की आउटसोर्सिंग के अध्यक्ष को बर्खास्त कर कर्मचारियों को दबाव में लेने का प्रयास किया जा रहा है। हम लोगों को जो लिखित में दिया गया था शासन उसे अब लागू नहीं कर रहा है।
कर्मचारियों को एचआर पॉलिसी का लाभ देने के लिए सांसद व विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
कर्मचारियों को एचआर पॉलिसी का लाभ देने के लिए कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह व सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में कहा है कि आजीविका मिशन के समस्त कर्मचारियों के संलग्न पत्र का अवलोकन किया जाए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को एक संस्थागत मंच प्रदान कर उनकी रुचि के अनुसार स्थानिये स्तर पर आजीविका मिशन से संबंधित गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें ब्लॉक से लेकर मुख्यालय तक 39 सौ कर्मचारी कार्यरत हैं। इनके पत्र पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाए।
Published on:
20 Sept 2022 10:17 pm
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