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हाईटेंशन तार बना मौत का कारण! पत्रकार की मौत के मामले में प्रशासन सख्त, मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश

गोंडा में हाईटेंशन तार गिरने से पत्रकार रंजीत तिवारी की मौत के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।

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मृतक रंजीत की फाइल फोटो सोर्स परिजन

मृतक रंजीत की फाइल फोटो सोर्स परिजन

गोंडा जिले में एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। जहां एक दैनिक अखबार के पत्रकार रंजीत कुमार तिवारी (34) की बिजली का तार गिरने से मौत हो गई। इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। चार सदस्यीय टीम पूरे मामले की जांच करेगी। और यह पता लगाएगी कि हादसा लापरवाही से हुआ या नहीं।

गोंडा जिले के ग्राम पथवलिया में हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। एक दैनिक समाचार पत्र से जुड़े पत्रकार रंजीत कुमार तिवारी की अचानक हुई मौत ने उनके परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी गहरा सदमा दिया है। यह हादसा बिजली का तार गिरने से हुआ। जिससे मौके पर ही उनकी जान चली गई।

चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन, इन अधिकारियों को किया गया शामिल

घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट की मंजूरी के बाद अपर जिला मजिस्ट्रेट आलोक कुमार ने चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, अधीक्षण अभियंता (विद्युत) सुशील कुमार यादव, उपजिलाधिकारी (न्यायिक) मनकापुर/तरबगंज जितेंद्र गौतम और पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर आनंद कुमार राय को शामिल किया गया है।

15 दिनों के भीतर देनी होगी रिपोर्ट

प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि जांच टीम इस पूरे मामले की हर एंगल से जांच करेगी। इसमें तकनीकी पहलू, प्रशासनिक जिम्मेदारी और घटना के समय की परिस्थितियों को विस्तार से देखा जाएगा। खासतौर पर यह भी जांच की जाएगी कि कहीं किसी विभाग की लापरवाही या छोटी सी चूक इस हादसे की वजह तो नहीं बनी। जांच कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि वे 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अपर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में जमा करें। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इधर, इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों और पत्रकार संगठनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग उठाई जा रही है। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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