
गोण्डा. जिले में तत्काल टिकटों में फर्जीवाड़ा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। टिकट माफिया नए-नए तरीके से फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे हैं। भारतीय रेलवे (Indian Railway) इन तत्काल टिकटों में धांधली की कई कोशिशें कीं, लेकिन यहां टिकट की दलाली थम नहीं रही है। पहले यह फर्जीवाड़ा फर्जी आईडी से रेल टिकट आरक्षण घरों में युद्धस्तर पर चल रहा था, लेकिन रेलवे की सख्ती के बाद इसमें थोड़ी कमी आई है। लेकिन यात्रियों के सुविधा के लिए बाजारों-कस्बो में आईआरटीसी (irctc) द्वारा दिये लाइसेंस का बेजा इस्तेमाल किया जा रहा है।
आईआरटीसी धारकों को तत्काल टिकट बनाने के लिए प्रातः 10.30 और11.30 से टिकट निकालने की समय बाध्यता है और महीने में 4 से 6 टिकट ही बना सकते हैं। जबकि कोई भी व्यक्ति तत्काल टिकट अपने लिए व्यक्तिगत रूप से अपने आईडी पर टिकट निकाल सकता है। टिकट माफिया इसी सुविधा का गलत लाभ उठा रहे हैं। टिकट माफिया फर्जी आईडी से तत्काल टिकट निकालकर महंगे दामों पर बेच रहे हैं। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आने पर सीआईबी (CIB) ने कार्यवाही की है।
तत्काल टिकट में फर्जीवाड़ा
यूपी के गोण्डा जिले में तत्काल टिकट में फर्जीवाड़ा का खुलासा भारतीय रेलवे के RPF के स्पेशल विभाग Crime Intelligence Branch ने किया है। अवैध रूप से चल रहे ई-टिकटिंग के कारोबार का भंडाफोड़ कर दुकान संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
वर्षों से भारतीय रेलवे को लगा रहा था चूना
सीआइबी के निरीक्षक जयंत कुमार ने बताया कि आईआरटीसी द्वारा दिये गए आईडी पर एक माह में अधिकृत व्यक्ति संस्था द्वारा एक माह में 4 से 6 ही तत्काल टिकट जारी कर सकते हैं, लेकिन आरोपी द्वारा फेक 17 फेक आईडी बनाई गईं, जिनसे टिकट निकाल कर वर्षों से रेलवे को चूना लगा रहा था। दुकान मालिक शैलेश चौधरी को गिरफ्तार कर कम्प्यूटर प्रिंटर टिकट नगदी बरामद किया गया है युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मुखबिर की सूचना पर छापेमारी
शहर के रिमझिम कंप्यूटर डिजिटल स्टूडियो के दुकान में मुखबिर की सूचना पर छापेमारी कर 10 व्यक्तिगत आईडी से बनाये गए फर्जी तत्काल रेल टिकट, कम्प्यूटर, सीपीओ,प्रिंटर, दो मोबाइल, पर्सनल डायरी तथा 17 फर्जी आई डी एवं 9 हजार रुपये के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है।
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Published on:
12 Nov 2017 11:31 am
