
शंकराचार्य फोटो सोर्स पत्रिका
Shankaracharya Avinukteshwaranand: गोंडा जिले के मेहनौन विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रदेश और केंद्र सरकार को लेकर कई तीखी टिप्पणियां कीं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पहले दिए गए अपने 'कालनेमि' वाले बयान को दोहराते हुए कहा कि जो व्यक्ति बाहर से संत और योगी का स्वरूप दिखाए। लेकिन उसके कार्य अलग हों, उसे उसी रूप में देखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ गाय को माता का दर्जा देने की बात करती है। जबकि दूसरी ओर प्रदेश में गोहत्या, मांस की बिक्री और तस्करी जैसी घटनाएं लगातार सामने आती हैं। उनके अनुसार, यदि सरकार इन गतिविधियों को पूरी तरह रोकने में सफल नहीं हो रही है। तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
शंकराचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि ट्रस्ट से जुड़े विवादों में कुछ लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर में दान से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि अयोध्या से जुड़े विवाद पर उन्होंने खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दी है। शंकराचार्य ने दावा किया कि इस मामले में कई बड़े लोगों के नाम सामने आने की आशंका के कारण लोग खुलकर बोलने से बच रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पहले जो मतभेद थे। वे अब समाप्त हो चुके हैं। उनके अनुसार, अखिलेश यादव ने अपनी पुरानी बातों पर खेद व्यक्त किया है। धार्मिक कार्यक्रमों में सहयोग भी कर रहे हैं। इसलिए अब वह इस विषय को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि उनके अनुसार वह टिप्पणी उनके खिलाफ नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संदर्भ में थी। उन्होंने कहा कि वह अपने विचारों पर कायम हैं और जनता के सामने अपनी बात रखते रहेंगे।
Updated on:
15 Jul 2026 09:30 pm
Published on:
15 Jul 2026 09:23 pm
