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नहर विभाग की लापरवाही ने ले ली युवक की जान… अब हर आंख नम, हर जुबां पर एक सवाल, क्या सुधरेगा सिस्टम?

यूपी के गोंडा जिले में बिजली विभाग के बाद अब नहर विभाग की लापरवाही सामने आई है। जिसके चलते एक युवक की जान चली गई। एक झटके में एक हसंता खेलता परिवार तबाह हो गया। अब हर लोगों की जुबान पर सिर्फ एक सवाल आखिर कब सुधरेगा सिस्टम?

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रेलिंग विहीन नहर की पुलिया फोटो सोर्स पत्रिका

रेलिंग विहीन नहर की पुलिया फोटो सोर्स पत्रिका

गोंडा जिले के एक छोटे से गांव में प्रशासनिक लापरवाही ने एक और घर की खुशियां छीन लीं। पतिसा गांव के पास सरयू नहर की पुलिया पर सुरक्षा इंतजामों की कमी ने एक युवक की जान ले ली। धमरैया गांव के रहने वाले महेश शुक्ला, जो एक पारिवारिक समारोह से लौट रहे थे। असुरक्षित पुलिया से फिसलकर नहर में जा गिरे। समय पर मदद और इलाज न मिलने से उनकी मौत हो गई। जिससे गांव में मातम पसरा है।

गोंडा के पतिसा गांव के पास हुई यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही की एक ऐसी कहानी है। जिसने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। धमरैया गांव के रहने वाले महेश शुक्ला एक निमंत्रण कार्यक्रम में शामिल होकर देर रात अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में सरयू नहर की पुलिया पार करते समय उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई। और बिना रेलिंग वाली पुलिया से सीधे नहर में जा गिरी। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। धमाका की तेज आवाज सुनकर ग्रामीणों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई। काफी मशक्कत के बाद महेश को नहर से बाहर निकाला। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया। मगर रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

परिवार को सूचना मिलते ही मच गया कोहराम, गांव में पसरा मातम

महेश की मौत की खबर जैसे ही धमरैया गांव पहुंची। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लोग बेसुध हो गए। घर में कोहराम मच गया। महेश अपने परिवार का सहारा थे। उनकी अचानक मौत ने अपनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

पुलिया पर कई वर्षों से रेलिंग नहीं… जिम्मेदार मौन

ग्रामीणों का कहना है कि जिस पुलिया पर यह हादसा हुआ। वहां लंबे समय से रेलिंग नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद नहर विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों का आरोप है कि पहले भी यहां छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। लेकिन हर बार विभाग ने इसे नजरअंदाज कर दिया। इस घटना के बाद गांव में गुस्सा साफ नजर आ रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक ऐसी लापरवाही आम लोगों की जान लेती रहेगी। अगर समय रहते पुलिया पर सुरक्षा इंतजाम किए गए होते। तो शायद आज महेश अपने परिवार के साथ होते।

नहर विभाग की लापरवाही से चली गई युवक की जान

यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी किस तरह लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस घटना से कोई सबक लेता है। या फिर एक और हादसे का इंतजार किया जाएगा।