21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

देश में अमन-चैन के लिए मांगी दुआएं, उठे हजारों हाथ,अकीदत के साथ अदा की गई ईद-उल-अजहा की नमाज

देश में ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया जा रहा है। मुस्लिम एक दूसरे के गले लग मुबारकबाद दे रहे हैं। गोंडा में शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ी गई। इस दौरान भारी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करने मस्जिदों में पहुंचे थे। नमाज के दौरान देश में शांति, अमन, चैन और खुशहाली के लिए हजारों लोगों ने अल्लाह से दुआ मांगी।

less than 1 minute read
Google source verification
screenshot_20230629-195445_whatsapp.jpg

गोण्डा के ईदगाह में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई। नमाज पूरे हर्षोल्लास, भाईचारे और शांति के साथ अदा की गई। इस दौरान भारी पुलिस बल की सुरक्षा रही। लोगों ने गले मिलकर एक दूसरे को ईद की बधाइयां दी। नमाजियों ने मुल्क में अमन और चैन के लिए दुआएं की। वहीं रोड पर किसी को भी नमाज अदा करने की इजाजत नहीं दी गई थी। जिसका पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह से पालन कराया।

ईद-उल-अजहा का त्योहार गुरुवार को अकीदत व उत्साह के साथ मनाया गया। ईद-उल-अजहा की नमाज ईदगाहों व मस्जिदों में अदा की गई और खुतबा पढ़ा गया। मुल्क में अमनों-अमान, खुशहाली, तरक्की व परेशानियों से निजात के लिए दुआएं मांगी गई। सबकी जुबां पर तकबीर-ए-तशरीफ जारी रहा। मौसम खुशगवार बना रहा। गौसिया जामा मस्जिद वजीरगंज में मौलाना अब्दुल वहीद ने कुर्बानी की फजीलत बयान किए। जामा मस्जिद दारुल उलूम रौजा मौलाना फारुख ने कहा कि कुर्बानी अल्लाह को बहुत प्यारी है। साफ-सफाई का ख्याल रखें। कुर्बानी का फोटो व वीडियो न बनाएं। भाईचारा आम करें। एक दूसरे का ख्याल रखें। गरीबों व जरुरतमंदों की मदद करें। नमाज के बाद छोटे से लेकर बड़े एक- दूसरे को मुबारकबाद दिए। हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम व हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की अजीम कुर्बानी को याद करते हुए कुर्बानी दी जा रही है। घरों के अलावा शहर में चिन्हित स्थानों पर सामूहिक कुर्बानी हुई। सामूहिक कुर्बानी गाहों पर दूर-दूर से लोग आकर हिस्सा लिए। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में मेले जैसा माहौल नजर आरहा था। महिलाएं मेहमान नवाजी के लिए लजीज व्यंजन तैयार कर रही है। ईद-उल-अजहा का सारा दिन खुशियों के नाम रहा। लोग एक दूसरे के घर आते रहे जाते रहे और खुशियों का पैगाम बांटते रहे। अभी यह सिलसिला शुक्रवार व शनिवार तक जारी रहेगा। कुर्बानी के जानवरों की खाल मदरसों की दी जाती है।