
सांसद को ज्ञापन देते शिक्षामित्र संगठन के पदाधिकारी
गोंडा जिले के मनकापुर स्थित बीजेपी से गोंडा सांसद कीर्ति वर्धन सिंह के आवास पर आज भारी संख्या में प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में जुटे शिक्षामित्रों ने पहुंचकर उन्हें अपना 6 सूत्री ज्ञापन सौपा। संसद को दिए गए ज्ञापन में कहां गया है कि प्रधानमंत्री ने बनारस में अपने संबोधन के दौरान शिक्षामित्रों को धैर्य रखने उनकी समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था। अब शिक्षामित्र की समस्या का स्थाई समाधान किया जाय।
प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शुक्ला ने कहा कि 2017 में शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त होने के बाद से अब तक एक पैसे की कोई वृद्धि नहीं हुई। सरकार से लगातार सामंजस्य बना रखने के बावजूद सुविधाएं नदारद हैं। जबकि शिक्षामित्र पूरी तन्मयता से काम कर रहे हैं। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को जन-जन तक पहुंचा कर लाभान्वित करने का काम कर रहे हैं। पीेएम मोदी का वादा याद दिलाते हुए कहा कि बनारस की धरती पर पीएम ने शिक्षामित्रों की समस्या के समाधान का वादा किया था। लेकिन शिक्षामित्र के भविष्य पर कोई फैसला किया किया गया। उन्होने कहा कि महंगाई के इस दौर में 10 हजार का मानदेय नाकाफी है। वह न तो अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दिला पा रहे हैं। और न ही अपने परिजनों का इलाज करा सकते हैं। जिलाध्यक्ष अवधेश मणि मिश्रा ने कहा कि समायोजन निरस्त होने के बाद से जनपद में दर्जनों शिक्षामित्रों की सदमे के कारण जान चली गयी। शिक्षामित्रों के बच्चे आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। लेकिन सरकार की तरफ से कोई राहत नहीं दी जा रही है।
शिक्षामित्र की प्रमुख मांगे
प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में शिक्षामित्रों ने नियमावली में संशोधन कर समायोजित किया जाए। जब तक समायोजन पूरा नहीं होता है। तब तक शिक्षामित्र को 12 माह 62 वर्ष की सेवा सुरक्षित करते हुए सभी शिक्षामित्र को सम्मानजनक वेतन दिया जाए। नई शिक्षा नीति में शिक्षामित्र को सम्मिलित कर भविष्य सुरक्षित किया जाए।25 जुलाई 2017 के बाद से अद्यतन मृतक शिक्षामित्रों को परिजनों को अहेतुक सहायता प्रदान कराते हुए परिवार के आश्रित को जीवकोपार्जन हेतु विभाग में नियुक्ति प्रदान की जाए। यूपी टेट और सीटेट योग्यता धारी शिक्षामित्रों को नियमों में छूट देते हुए सहायक अध्यापक के पद पर नियमित किया जाए। इसके साथ ही मूल विद्यालय से वंचित शिक्षामित्र को मूल विद्यालय वापस किया जाए। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शुक्ला, जिलाध्यक्ष अवधेश मणि मिश्रा मंडल अध्यक्ष रामलाल साहू, जिला संरक्षक जितेंद्र प्रकाश ओझा महामंत्री शिव मूर्ति पांडे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, जिला मंत्री अभिमन्यु प्रसाद मिश्र, तेजेंद्र कुमार शुक्ला, कृष्ण कुमार पांडे, माधुरी सिंह, राजेंद्र प्रसाद वर्मा, महेंद्र विक्रम कुशवाहा, वशिष्ठ पांडे, राजकुमार, मनोज कुमार, राजकुमार शुक्ला मार्शल, तिलक राम वर्मा, दीपचंद मिश्रा, अशोक त्रिपाठी, हनुमंत लाल तिवारी, शिव शंकर, ओम प्रकाश यादव, हरि निवास शर्मा, रामनारायण शर्मा, चंद्र कुमार शुक्ला, चंदा मामा, अशोक कुमार पांडे, कुलदीप पांडे, राम प्रकाश, पवन पांडे, मुकेश शुक्ला, रुक्मिणी देवी, ओमप्रकाश, राकेश सिंह, राजेंद्र वर्मा, राम अदालत वर्मा, चंद्र भवन वर्मा, शाकिर अली, अकबर अली, कमला कान्त श्रीवास्तव, राजेश त्रिपाठी, शिवकुमार विश्वकर्मा, राम सहाय, अमर, शिव कुमार जायसवाल, रमेश सिंह, राकेश सिंह, अरुण सिंह, पम्मी सिंह, कृष्ण कुमार, ब्रह्मदेव, अनिल कुमार सिंह, प्रमोद कुमार दुबे, राम सुमिरन, राम नारायण, दिलीप कुमार, अवनीश पांडे, दिलीप कुमार, गायत्री देवी, चंद्र भवन, कमलेश पांडे, राकेश पांडे, नवरंग लाल वर्मा, नूर अहमद, सुनील कश्यप, कादिर अली, अमित कुमार तिवारी, सर्वेश सिंह, दुर्गा प्रसाद शुक्ला, सूरज लाल, जियाउल हसन, किरन श्रीवास्तव, सरोज कुमारी, मिथिलेश कुमारी, प्रेम किशोर, संतोष सिंह, राम बदल शुक्ला, विजय दुबे, जयकरन वर्मा, शेर धारी सिंह, पंचम लाल, उमाशंकर पाल, नरेंद्र बहादुर सिंह, पेशकार सिंह, मुकेश शुक्ला, बब्बन गिरि समेत सैकड़ों शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
Published on:
11 Sept 2023 07:32 pm

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