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केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के पिता आनंद सिंह का निधन, कांग्रेस के टिकट पर चार बार रहे सांसद, अखिलेश सरकार में बने कृषि मंत्री

केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के पिता पूर्व मंत्री आनंद सिंह उर्फ अनु भैया का रविवार की देर रात लखनऊ में निधन हो गया। वह कांग्रेस के टिकट पर चार बार सांसद तथा अखिलेश सरकार में कृषि मंत्री रहे हैं। उनके निधन से जिले में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।

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कुंवर आनंद सिंह

कुंवर आनंद सिंह अन्नू भैया की फाइल फोटो

केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के पिता पूर्व सांसद व पूर्व मंत्री आनंद सिंह का रविवार की देर रात लखनऊ में निधन हो गया। एक जमाना था। जब उन्हें पूर्वांचल की राजनीति का भीष्म पितामह माना जाता था। वह कांग्रेस के टिकट से चार बार सांसद बने। अखिलेश सरकार में कृषि मंत्री रहे। उसके बाद उन्होंने राजनीतिक जीवन से सन्यास ले लिया। उनके निधन से जिले सहित राजनीतिक इलाकों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।

यूपी के गोंडा जिले के मनकापुर राजघराना की राजनीति में एक अलग ही छवि रही है। जिले के विकास में राजघराने का बहुत बड़ा योगदान रहा है। वर्तमान में बीजेपी सरकार में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया के पिता आनंद सिंह ने रविवार की देर रात लखनऊ में तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां पर उन्होंने जीवन की अंतिम सांस ली। यह खबर यहां पर आते ही लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। आनंद सिंह का जन्म 4 जनवरी 1939 को हुआ था। गोंडा संसदीय क्षेत्र वह चार बार संसद सदस्य चुने गए थे। 2012 से 2017 तक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार में वह कृषि मंत्री भी रहे। इसके बाद से उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया था। उनके पुत्र गोंडा से भाजपा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह वर्तमान में केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री है।

आनंद सिंह को यूपी टाइगर के नाम से जाना जाता था

उनके करीबियों का कहना है कि राजा आनंद सिंह एक दो बार नहीं, चार बार सांसद रहे। पूर्वांचल की राजनीति में अपने सियासी दबदबे को लोहा मनवाने वाले मनकापुर के राजा आनन्द सिंह को यूपी टाइगर के नाम से जाना जाता था। एक जमाने की बात थी। जब कांग्रेस पार्टी उन्हें सादा सिम्बल दे देती थी, फिर आनंद सिंह जिसे चाहते नाम भरकर सिम्बल दे देते थे। जिसके सिर पर मनकापुर कोट का हाथ होता था। वह सांसद, विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख बन जाता था।

अखिलेश सरकार में बने कृषि मंत्री

वर्ष 2012 में राजा आनंद सिंह ने गौरा विधान सभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता और प्रदेश की अखिलेश सरकार में कृषि मंत्री बने थे। लेकिन अब वे राजनीति से सन्यास ले चुके थे।

ये रहा उनका राजनीतिक कैरियर

1971 में आनंद सिंह गोंडा लोकसभा सीट से निर्वाचित हुए। इसके बाद 1980, 1984 और 1989 में भी वह कांग्रेस के टिकट पर गोंडा से सांसद बने। राम लहर में 1991 के आम चुनाव में बृजभूषण ने आनंद सिंह को शिकस्त दी। इसके बाद 1996 में उनकी पत्नी केतकी देवी सिंह ने भी बीजेपी के टिकट पर आनंद सिंह (एसपी उम्मीदवार) को एक बार फिर मात दी। इसके बाद से आनंद सिंह ने संसदीय चुनाव से दूरी बना ली। हालांकि बाद में विधानसभा चुनाव लड़े और अखिलेश सरकार में कृषि मंत्री बनाए गए।