
UPPCS 2018: लोक सेवा आयोग Exam, होगी माइनस मार्किंग
गोंडा. रविवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस, एसीएफ एवं आरएफओ प्री परीक्षा 2018 हुई। 924 पदों के लिए हो रही इस परीक्षा में साढ़े छह लाख परीक्षार्थी शामिल हुए। बता दें कि पीसीएस प्री की पिछली दो परीक्षाओं में गलत प्रश्न और उत्तर का मामला सामने आ चुका है।
पीसीएस तथा एसीएफ एवं आरएफओ प्री परीक्षा 2018 में 924 पद घोषित किए गए हैं। इनमें से 832 डिप्टी कलेक्टर एवं डिप्टी एसपी समेत पीसीएस संवर्ग के अन्य पद हैं। एसीएफ के 16 और आरएफओ के 76 पद घोषित किए गए हैं।
इन दोनों ही परीक्षाओं में परीक्षार्थियों की ओर से दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने प्री का परिणाम संशोधित करने के आदेश दिए थे। यह अलग बात है कि दोनों ही मामलों में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर आयोग को राहत मिल गई थी। कानूनी विवाद की वजह से डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी एसपी समेत विभिन्न प्रकार के 633 पदों के लिए हुई पीसीएस 2016 मुख्य परीक्षा का परिणाम अभी घोषित नहीं हो सका है जबकि परीक्षा हुए दो साल से अधिक हो चुके हैं।
इस पर दें ध्यान
परीक्षार्थियों को इस परीक्षा में माइनस मार्किंग का भी ध्यान रखना होगा। आयोग ने अपनी बहुविकल्पीय परीक्षाओं में माइनस मार्किंग लागू करने का निर्णय सितंबर 2017 में लिया था पर निर्णय से पूर्व पीसीएस 2017 प्री परीक्षा की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, इसलिए उसमें माइनस मार्किंग लागू नहीं की गई थी। 2018 की पीसीएस प्री परीक्षा में पहली बार माइनस मार्किंग होगी। प्रत्येक गलत उत्तर पर दंड स्वरूप एक तिहाई यानी 0.33 अंक की कटौती की जाएगी। एक से अधिक विकल्प पर निशान लगाने वाले परीक्षार्थियों का उत्तर गलत माना जाएगा, भले ही उन्होंने इनमें से एक निशान सही उत्तर पर क्यों न लगाया हो।
Published on:
28 Oct 2018 02:02 pm
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