
विटामिन ए ऐसी रासायनिक पदार्थ जिनका हमारे शरीर में बहुत ही कम मात्रा में तथा बहुत महत्वपूर्ण उपयोग होता है I यह एक वसा में घुलनशील विटामिन है जो मनुष्य के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है जिसका रासायनिक नाम रेटिनोल (Retinol) है। यह आंखों की रोशनी , शरीर के विकास में होने वाली विभिन्न उपापचय क्रियाओं को प्रेरित , प्रतिरक्षा प्रणाली व शारीरिक व बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक विटामिन है।
आइए जानते हैं क्या है विटामिन ए के फायदे स्रोत तथा इनकी कमी से होने वाले नुकसान
विटामिन ए के फायदे
विटामिन ए हमारे आंखों की सामान्य दृष्टि के लिए अत्यंत आवश्यक है यह नेत्रों में उपस्थित रोडॉप्सिन नामक पदार्थ का निर्माण करता है रोडॉप्सिन एक प्रकार का विजुअल पिगमेंट है जो हमारी आंखों के अच्छे स्वास्थ्य लिए आवश्यक है
विटामिन ए एपीथिलियम ऊतकों की कार्यक्षमता वाह क्रियाशीलता बनाए रखने में सहायता प्रदान करता है।
विटामिन ए हमारी त्वचा की कोशिकाओं को चिकना व कोमल बनाए रखता है। विभिन्न संक्रमण से बचाए रखती है।
विटामिन ए छोटे बच्चों की सामान्य वृद्धि व विकास में यह वृद्धि वर्धक कारक की भांति कार्य करता है।
विटामिन ए अस्थियों और दातों के विकास में भी सहयोग प्रदान करता है इसकी कमी से अस्थियों की वृद्धि रुक जाती है।
विटामिन ए से हमारे बाल सिल्की व काले होते हैं तथा निरंतर वृद्धि करते हैं।
विटामिन ए के स्रोत
यद्यपि विटामिन ए प्राकृत में उपस्थित सभी हरे पत्तेदार साग सब्जियों व पीले नारंगी रंग के फलों में कैरोटीन नामक रसायन के रूप में पाया जाता है जो लीवर में जाकर विटामिन ए में परिवर्तित हो जाता है। मुख्यतः
विटामिन ए के स्रोत गाजर, चुकंदर ,मटर, टमाटर ब्रोकली ,कद्दू , हरी पत्तेदार सब्जियां पीले तथा नारंगी रंग के फल आदि विटामिन ए के शाकाहारी स्रोत है। यदि बात करें मुख्य मांसाहारी स्रोत शार्क लिवर आयल, मछली, कॉड लिवर आयल , हेलीबट लिवर ऑयल तथा भेड़, बकरी व सूअर के लीवर में पाया जाता है। विटामिन ए अंडा ,दूध , घी , मक्खन आदि प्रकार के वसी युक्त पदार्थों में भी पाया जाता है।
विटामिन ए की कमी से होने वाले रोग
यदि विटामिन ए हमारे शरीर में आवश्यक मात्रा में ना पाए जाए तो इसकी कमी से रतौंधी ( Night blindness - रात में ना देख पाना) ,
कंजेक्टिवाइटिस ( conjunctivitis - आंखों में जलन व खुजली होना) ,
शुष्काक्षिपाक ( xerophthalmia - dryness of eye), सुखी व खुरदरी त्वचा , रूखे बाल, बालों का झड़ना, आंखों में धुंधलापन, तथा छोटे बच्चों में सामान्य वृद्धि और विकास का ना होना , थकावट, आंखों में सूजन, निमोनिया आदि
विटामिन ए की अधिकता से होने वाले विकार
यद्यपि विटामिन A की कमी से बहुत सारे शारीरिक विकार उत्पन्न होते हैं लेकिन यदि विटामिन ए की मात्रा सामान्य से अधिक लिया जाए तो सिर दर्द बुखार जुखाम हृदय संबंधी बीमारियां त्वचा पर लाल धब्बे व लड़कियों में आज समय मासिक धर्म जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। गर्भवती महिलाओं में विटामिन ए की अधिकता से नवजात शिशु के बौद्धिक विकास पर गहरा असर पड़ता हैl
Published on:
03 Feb 2022 07:18 pm
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