
सांकेतिक फोटो
उत्तर प्रदेश में इस समय कड़ाके की ठंड लोगों की दिनचर्या पर भारी पड़ रही है। पहाड़ों से आ रही सर्द हवाओं ने गलन बढ़ा दी है। घना कोहरा, ठंडे दिन और बंद स्कूलों ने आम जनजीवन को पूरी तरह से सुस्त कर दिया है।
उत्तर प्रदेश में ठंड ने इस बार अपने तेवर और सख्त कर लिए हैं। पहाड़ी इलाकों से चल रही बर्फीली हवाओं के चलते सुबह-शाम जबरदस्त गलन महसूस की जा रही है। गुरुवार सुबह प्रदेश के करीब 30 जिलों में घना कोहरा छाया रहा। वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, मथुरा, बरेली, मुरादाबाद जैसे शहरों में हालात इतने खराब रहे कि कई जगह देखने की दूरी 10 मीटर तक सिमट गई।
अयोध्या, गोंडा- बहराइच समेत लगभग 23 जिलों में पूरे दिन ठंडे दिन जैसे हालात बने रहे। मौसम विभाग ने आज कोल्ड डे घोषित किया है। बीते कई दिनों से सूरज बादलों और कोहरे की ओट में छिपा रहा। जिससे लोगों को दिन में भी ठिठुरन झेलनी पड़ी। कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रदेशभर में आठवीं कक्षा तक के स्कूल 14 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। वहीं, ऊंची कक्षाओं के स्कूल बदले हुए समय पर सुबह 10 बजे से खोले जा रहे हैं। कुछ जिलों में हालात ज्यादा खराब होने के कारण 12वीं तक के स्कूल भी अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं।
ठंड और कोहरे का सीधा असर यातायात पर भी दिखा। सड़कों पर वाहन कम नजर आए और रेल व हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। प्रयागराज, वाराणसी जैसे बड़े रेलवे स्टेशनों पर कई ट्रेनें घंटों देरी से पहुंचीं। हवाई यात्रियों को भी उड़ानों में विलंब का सामना करना पड़ा।
पिछले 24 घंटे में आजमगढ़ और अयोध्या प्रदेश के सबसे ठंडे इलाके रहे, जहां न्यूनतम तापमान करीब 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड बढ़ने से अस्पतालों में ब्लड प्रेशर और हृदय रोगियों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों में हल्की राहत मिल सकती है। लेकिन 12 जनवरी के बाद कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
Published on:
08 Jan 2026 10:24 am
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