
गोंडा. मनकापुर सीएचसी में तड़फती रही प्रसूता और स्वस्थ महकमा कुम्भ्करनी नीद में मस्त रहा। घंटो इंतजार के बाद जब प्रसूता की हालत गंभीर हो गयी तब परिजन उसे जिला मुख्यालय ले जाने लगे। इस दौरान प्रसूता ने मनकापुर सीएचसी से चंद किमी दूर झिलाही बाजार पहुंचते ही एक बालिका को जन्म दिया इस दौरान परिजनों का सफ़र जारी रहा और रास्ते में सीएचसी काजीदेवर में प्रसूता का प्राथमिक उपचार कर चिकित्सकों ने जिला महिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
बतातें चले कि मनकापुर स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के कटहलबूटानी के मजरे कटहरिया गांव निवासी आसाराम की पत्नी संगीता 22 वर्ष नौ माह के गर्भ से थी और बुधवार देर शाम संगीता प्रसव पीड़ा से तड़फने लगी तो परिजनों ने गांव के आशाबहू का तलाश किया। न मिलने पर बंदरहा गांव की आशाबहू से संपर्क साधा तो प्रसूता को मनकापुर सीएचसी लाने को कहा तब परिजन एक निजी वाहन से प्रसूता को सीएचसी लाये जहां पर स्टाफ नर्स अपनी डियूटी से लापता थी और चौकीदार के बताने पर उनके कमरे पर गए जहां तमाम मानमनौवल के बाद वह दरवाजा तो खोला और सीएचसी में आई और प्रसूता को देखकर बताया कि अभी पहला बच्चा है प्रसव होने में समय लगेगा। हमें सोने दो डिस्टर्ब मत करो।
परिजनों के लाख विनय निवेदन के बाद भी प्रसूता का प्राथमिक उपचार तक नहीं किया गया। गंभीर दशा होने पर परिजन प्रसूता को लेकर जिलामुख्यालय के लिए रवाना हो गए और मनकापुर सीएचसी से महज पांच किलोमीटर दूर झिलाही बाजार पहुंचते प्रसूता ने वाहन में ही एक बालिका को जन्म दे दिया। इस दौरान प्रसूता की हालत और नाजुक हो चली। गंभीर स्थित में परिजन जच्चा बच्चा सहित काजीदेवर अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सकों ने गंभीर स्थित को देखते हुए प्राथमिक उपचार कर जिला महिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजन प्रसूता को जिला महिला अस्पताल ले गए जहां इलाज के अभाव में प्रसूता ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। गुरुवार देर शांयकाल मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं सीएचसी अधीक्षक गुलाम मुव्यनुद्दीन ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। यदि परिजनों ने शिकायत दर्ज करायी तो मामले में उचित कार्रवाई की जायेगी।
Updated on:
02 Feb 2018 10:45 am
Published on:
02 Feb 2018 10:43 am

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