14 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दिल्ली गैंगरेप वाली बस: कागजों पर ‘जब्त’ फिर कैसे बिहार तक ढो रही थी सवारियां?, डीएम ने दिए जांच के आदेश

दिल्ली के रानी बाग में महिला के साथ हुई गैंगरेप की घटना में इस्तेमाल बस को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। यह बस बिहार के गोपालगंज जिले में नियमों के उल्लंघन के आरोप में जब्त है। बस पर 4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसमें से 3 लाख रुपये अभी भी बकाया हैं।

2 min read
Google source verification
Delhi Rape Case

कागजों पर 'जब्त' फिर कैसे ढो रही थी सवारियां

दिल्ली के रानी बाग में महिला के साथ हुई गैंगरेप की घटना में इस्तेमाल बस को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। यह बस बिहार के गोपालगंज जिले में एक निजी कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड है और नियमों के उल्लंघन पर उस पर 4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसमें से 3 लाख रुपये बकाया हैं। बकाया राशि और नियम उल्लंघन के चलते परिवहन विभाग ने बस को ‘डिजिटल रूप से इंपाउंड’ कर रखा था, इसके बावजूद यह बस अवैध रूप से बिहार से दिल्ली के बीच चलती रही। मामले के सामने आने के बाद गोपालगंज के डीएम ने परिवहन विभाग से रिपोर्ट तलब की है और पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।

बस नियम उल्लंघन केस में रिपोर्ट तलब

इस मामले की जांच में सामने आया है कि यह बस बिहार के गोपालगंज में ‘साईं दृष्टि प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम पर पंजीकृत है। बस का मालिक सिधवलिया थाना क्षेत्र के रामपुर सदौवा गांव निवासी हैप्पी मल्होत्रा है। बस को टूरिस्ट परमिट प्राप्त था, लेकिन इसके बावजूद यह बिना किसी वैध अनुमति के गोपालगंज से दिल्ली के बीच संचालित हो रही थी। मामले के सामने आने के बाद गोपालगंज के डीएम पवन कुमार सिन्हा ने परिवहन विभाग से रिपोर्ट तलब की है और पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह बस नियमों के उल्लंघन के बावजूद सड़कों पर कैसे चलती रही।

ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार, बस जब्त

11 मई की रात दिल्ली के रानी बाग इलाके में बस के अंदर एक महिला देर रात बिहार जाने वाली बस में सवार हुई थी। महिला ने आरोप लगाया कि बस चालक और उसके कंडक्टर ने रास्ते में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इस मामले में सबसे हैरान करने वाला तथ्य यह है कि घटना की सूचना देने के लिए पीसीआर (PCR) कॉल पीड़िता ने किसी और के नहीं, बल्कि आरोपी के ही फोन से की थी। बहरहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बस को जब्त कर लिया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बस पर पहले से ही भारी जुर्माना और नियम उल्लंघन के कारण कार्रवाई दर्ज थी, जिसके चलते वह पहले से ही विभागीय निगरानी में थी।