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गोरखपुर में क्रिकेटर विराट कोहली बन गए थे मतदाता, मृतकों को लगाया इलेक्शन ड्यूटी पर, अब होगी कार्रवाई

डीएम राजीव रौतेला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए
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गोरखपुर

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 10 Mar 2018, 6:06 AM IST

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गोरखपुर। संसदीय उपचुनाव में गोरखपुर क्षेत्र से भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली को वोटर बनाए जाने के मामले में डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव कुमार रौतेला ने तहसीलदार व एसडीएम सहजनवा के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की संस्तुति की है। फौरी तौर पर इन दोनों की लापरवाही का नतीजा मानते हुए चुनाव आयोग को भी अवगत करा दिया है। यही नहीं, पीडब्ल्यूडी के दो मृतक इंजीनियरों को भी चुनावी ड्यूटी पर लगाने के मामले में भी जांच कर कार्रवाई की बात कही।
सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा की सीट बनी गोरखपुर में 11 मार्च को होने वाले उपचुनाव में सहजनवा विधानसभा क्षेत्र के 324 भाग संख्या 153 और मतदाता क्रमांक 822 में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली का नाम दर्ज है। फोटो मतदाता सूची में भी यह खेल हुआ है यहां पर आरएसवी 2231801 में यही चीज दर्ज है। सहजनवा के प्राथमिक विद्यालय (153) क्रमांक नम्बर 2 पर मतदेय स्थल है जहां पर विराट कोहली को मतदाता बताया गया।
जिला प्रशासन को जब इस गड़बड़ी का पता चला तो हड़कंप मच गया। बीएलओ ने बताया कि उनके पास विराट कोहली की लगी फोटो वाली मतदाता पर्ची बांटने के लिए आयी थी तब इस बात की जानकारी हुई। काफी खोजने के बाद भी जब पता नहीं मिला तो स्थानीय सभासद को पर्ची दे दी गयी।
उधर, जब विराट कोहली के मतदाता बनने की खबर मीडिया में आई तो प्रशासनिक अफसर आननफानन में कार्रवाई में जुट गए।
शुक्रवार को चुनावी तैयारियों की जानकारी देने के दौरान डीएम राजीवन रौतेला ने इस मामले में कहा कि क्रिकेटर विराट कोहली का नाम वोटर लिस्ट में दर्ज होने का मामला गंभीर है। उन्होंने माना कि इसके लिए बीएलओ जिम्मेदार नहीं है। डीएम ने बताया कि मतदाता आवेदन पत्रों की कंप्यूटर में फीडिंग के दौरान किसी ने इस काम को अंजाम दिया है। फीडिंग का काम प्राइवेट डाटा आपरेटरों से कराया जाता है। लेकिन निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एसडीएम) और सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (तहसीलदार) की यह जिम्मेदारी होती है कि कंप्यूटर में फीड किए गए सभी आवेदन पत्रों की गहनता से जांच के बाद ही उसे अपना अनुमोदन दे। डीएम ने कहा कि दोनों अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन सही ढंग से नहीं किया जिसका नतीजा गलत नाम व फोटो फीड हो गया।

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