
यूपी पुलिस पर पहले भी लगे हैं फर्जी एनकाउंटर के आरोप, सपा प्रवक्ता बोले- माफी मांगें सीएम योगी
लखनऊ में विवेक तिवारी की मौत पुलिस एनकाउंटर नहीं, जांच कराएंगे: योगी
लखनऊ में एप्पल कंपनी के मैनेजर विवेक तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत का मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ की जो घटना है वह एनकाउंटर नहीं है। हम इस घटना की पूरी जांच कराएंगे। प्रथमदृष्टया जो दोषी थे उनको गिरफ्तार किया जा चुका है। जो भी दोषी होगा किसी को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन इस घटना की पूरी जांच होगी, आवश्यकता पड़ी तो सीबीआई को भी देंगे।
शनिवार को गोरखपुर में मुख्यमंत्री ने विवेक तिवारी प्रकरण में अपनी प्रतिक्रिया दी।
क्या यही कानून का राज है, रक्षक ही जहां भक्षक बन गएः लल्लू
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने लखनऊ की घटना पर दुःख प्रकट करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सदन से लेकर सड़क तक सुशासन का दावा करने वाले योगी आदित्यनाथ को इस पर जवाब देना होगा। जब रक्षक ही भक्षक हो जाये तो आमजनता कैसे सुरक्षित रहेगी। नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि योगी जी बताएं कि उनका कानून का राज क्या इसी तरह चल रहा है। निर्दोष जब गोली से मारे जाएंगे तो कानून का राज कैसे स्थापित है। उन्होंने पूछा कि सुशासन का दावा करने वाले योगी आदित्यनाथ अब इस मामले में क्या कहेंगे। उन्होंने मांग किया कि आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवार्इ के साथ पीड़ित परिवारीजन को पांच करोड़ का मुआवजा यूपी सरकार दे। कांग्रेस की आेर से इस घटना पर दुःख जताते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस के इस पाप के लिए यूपी सरकार दोषी है।
पीड़ित परिवार को मिले पांच करोड़ मुआवजा: सपा
सपा के जिलाध्यक्ष प्रह्लाद यादव ने कहा कि लखनऊ में पुलिस द्वारा एक निर्दोष विवेक तिवारी की हत्या हृदयघाती घटना है। आज पुलिस सुरक्षा नहीं भय और भ्रष्टाचार का भाव बन चुकी है। पीड़ित परिवार को न्याय एवं 5 करोड़ रुपए मुआवज़ा दे सरकार। दोषी पुलिसकर्मियों पर सख़्त कार्रवाई एवं जवाब दें मुख्यमंत्री।
Published on:
30 Sept 2018 11:14 am
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