
आरोग्य सेतु ऐप नहीं डाउनलोड करने पर बढ़ सकती हैं मुश्किलें, महामारी एक्ट के तहत दर्ज होगा मुकदमा
लखनऊ. कोविड-19 की लड़ाई में महत्वपूर्ण माने जाने वाले आरोग्य सेतु ऐप (Arogya Setu App) के उत्तर प्रदेश में दो करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। ऐप का इस्तेमाल काफी हद तक कोरोना वायरस की लड़ाई में कामयाब साबित हुआ है। सरकार ने भी यह कहा है कि आरोग्य सेतु ऐप हर किसी के मोबाइल में डाउनलोड (Arogya Setu App Download) होना चाहिए। वहीं इसे एक नियम की तरह लागू करने के लिए अब योगी सरकार ने अहम कदम उठाया है। आरोग्य सेतु ऐप नहीं डाउनलोड करने वालों पर महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर जिला प्रशासन आरोग्य सेतु ऐप की रैंडम जांच कराएगा। ऐसे में अगर आपके पास स्मार्ट फोन है और आपने आरोग्य सेतु एप डाउनलोड नहीं किया है तो आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जिला प्रशासन ने इसे अनिवार्य कर दिया है। जांच में बिना एप के पकड़े जाने पर महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आरोग्य सेतु एप के फीचर
आरोग्य सेतु एप को गूगल प्ले-स्टोर और एपल के एप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप में मोबाइल नंबर को रजिस्टर करना होगा। इसके बाद यह एप आपकी लोकेशन के आधार पर कोरोना से खतरे के प्रति आगाह करेगा। इस एप में ‘सेल्फ असेसमेंट टेस्ट’ फीचर भी है जिसकी मदद से आप लक्षण बताकर कोरोना वायरस से संक्रमण के जोखिम के बारे में पता लगा सकते हैं।
82 लोगों में संक्रमण का चला पता
फैलते संक्रमण से जनता को बचाने के लिए सरकार ने सरकार ने आरोग्य सेतु ऐप विकसित किया है। लगातार जनता से अपील की जा रही है कि इस एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करें। इसी का नतीजा है कि इस एप को डाउनलोड करने में उत्तर प्रदेश देश में नंबर वन हो गया है। उत्तर प्रदेश में आरोग्य सेतु ऐप के दो करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। इस ऐप की मदद से अब तक करीब 82 लोगों में कोरोना संक्रमण की जानकारी हासिल हो सकी है।
Published on:
12 Jun 2020 11:31 am
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