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बीजेपी के प्रत्याशी रहे इस नेता को यूपी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

प्रदेश अध्यक्ष ने किया ऐलान

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BJP, Congress and BSP make a plan to grab Dalit votes in 20019

BJP, Congress and BSP make a plan to grab Dalit votes in 20019

पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष उपेंद्र दत्त शुक्ल को प्रदेश संगठन में पद से नवाजा गया है। उपेंद्र दत्त शुक्ल को यूपी संगठन का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने प्रदेश संगठन के तीन पदाधिकारियों की गुरुवार को घोषणा की, इसमें उपाध्यक्ष के रूप में उपेंद्र दत्त शुक्ल को जगह मिली है। उपेंद्र दत्त शुक्ल गोरखपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। बीते लोकसभा उपचुनाव में उनको गोरखपुर संसदीय सीट से बीजेपी ने प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारा था। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद खाली हुई संसदीय सीट पर बीजेपी के प्रत्याशी के रूप में उतरे उपेंद्र दत्त शुक्ल को हार का सामना करना पड़ा था।
उपेंद्र दत्त शुक्ल एक बेहतर संगठनकर्ता माने जाते हैं। वह युवा मोर्चा से लेकर मुख्य संगठन में जिले के विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। दो बार क्षेत्रीय अध्यक्ष रह चुके शुक्ल का कार्यकाल कुछ माह पूर्व ही खत्म हुआ है।

उपेंद्र के बाद डाॅ.धर्मेंद्र को बनाया गया क्षेत्रीय अध्यक्ष

चुनाव के बाद ही भाजपा ने नए क्षेत्रीय अध्यक्ष के नाम का भी ऐलान कर दिया था। उपेंद्र दत्त शुक्ल की क्षेत्रीय टीम में क्षेत्रीय मंत्री डाॅ.धर्मेंद्र सिंह को संगठन का नया क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया। बताया जाता है मेयर के चुनाव में संगठन और सरकार के बीच आई तल्खी को पाटने के लिए मंदिर के खास माने जाने वाले डाॅ.धर्मेंद्र सिंह को क्षेत्रीय अध्यक्ष पद बनाया गया था क्योंकि मुख्यमंत्री की मंशा थी कि डाॅ.धर्मेंद्र सिंह को मेयर पद का प्रत्याशी बनाया जाए लेकिन संगठन ने संघ की पसंद सीताराम जायसवाल को मैदान में उतार दिया था।


गोरखपुर के शिव प्रताप शुक्ल रह चुके हैं प्रदेश उपाध्यक्ष

केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ल प्रदेश संगठन में उपाध्यक्ष कई कार्यकाल तक रह चुके हैं। चार बार विधायक व यूपी सरकार में मंत्री रहते हुए हार का सामना करने के बाद शिव प्रताप शुक्ल करीब चैदह सालों तक संगठन में सक्रिय रहे। इस दौरान वह कई कार्यकाल तक प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं। बीते विधानसभा चुनाव के पहले अचानक से राज्यसभा सदस्य बनाए जाने के बाद उनको संगठन से सरकार में लेते हुए मोदी मंत्रीमंडल में शामिल कर लिया गया।