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गोरखपुर विवि में शिक्षक भर्ती के लिए चल रहा इंटरव्यू स्थगित

विवि में दो सौ से अधिक खाली पदों के सापेक्ष 142 पर नियुक्ति हो चुकी, बाकी पर चल रहा था इंटरव्यू
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गोरखपुर

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 20 Jul 2018, 10:19 PM IST

DDU convocation

डीडीयू

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। तरह-तरह के बहाने बनाने के बाद आखिरकार यूजीसी के आदेश को विवि को मानना पड़ा। हालांकि, अधिकतर नियुक्तियां हो चुकी हैं। नियुक्ति पर रोक लगाने संबंधी आदेश पर निर्णय लेने के दौरान भी विवि के जिम्मेदार कुछ और इंटरव्यू कराना चाह रहे थे लेकिन अंततः होने वाले समस्त इंटरव्यू को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।

बता दें कि गोविवि में दो सौ के करीब शिक्षकों पदों पर नियुक्तियों के लिए प्रक्रिया चल रही है। लेकिन इंटरव्यू के पहले यूजीसी व केंद्र सरकार के निर्देश के बावजूद गोरखपुर विवि में शिक्षक पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया को रोका नहीं गया। यूजीसी के इस बाबत सकुर्लर जारी करने के बाद भी विवि निरंतर इंटरव्यू प्रक्रिया को जारी रखते हुए नियुक्तियों को अंतिम रूप देता जा रहा था। 19 जुलाई को यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को पत्र जारी कर समस्त प्रकार की शिक्षक नियुक्तियों पर रोक लगाने का आदेश दिया है। लेकिन पत्र नहीं मिलने और सीधे तौर पर यूजीसी की बातों को न मानने के लिए बाध्य नहीं होने का हवाला देकर विवि प्रशासन इंटरव्यू को जारी रखे हुए था। लेकिन आदेश के अगले दिन कुछ इंटरव्यू कराने के बाद अचानक से विवि प्रशासन ने यूजीसी के निर्देशों को मानते हुए होने वाले समस्त इंटरव्यू को पोस्टपोन करने का निर्णय लिया। यह निर्णय यूजीसी या कोर्ट के आदेश तक प्रभावी रहेगा।

आरक्षण कैसे तय हो यह फंसा है मामला

दरअसल, विवि में नियुक्तियों को लेकर जो पेंच फंसे हैं वह आरक्षण तय करने को लेकर है। विभाग को यूनिट मानकर आरक्षण तय हो या विवि को यूनिट मानकर इस पर गतिरोध है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक प्रकरण में विभाग को यूनिट मानते हुए आरक्षण तय करने का आदेश दिया। इस निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर है। केंद्र सरकार और मानव संसाधन विकास मंत्रालय भी इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में है। बीते 20 अप्रैल को यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को गाइडलाइन जारी किया है कि शिक्षकों की नियुक्तियों में विवि को इकाई मानकर आरक्षण तय किया जाए न कि विभाग को।

गोरखपुर विवि में विभाग को इकाई मानकर हो रही है नियुक्तियां

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विवि में कई साल से फंसी नियुक्तियों को आनन फानन में किया जा रहा। दो सौ से अधिक प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर होने वाली नियुक्तियों में 22 विभागों के 142 पदों पर नियुक्तियां कराने के बाद उनका अनुमोदन भी दो चरणों में करा लिया गया है। बाकी पदों पर नियुक्तियों के लिए साक्षात्कार जारी है। विवि इन नियुक्तियों को विभाग को इकाई मानकर कर रहा है।

नियुक्तियों में धांधली के लग रहे आरोप

विवि द्वारा की जा रही नियुक्तियों में धांधली के भी आरोप लग रहे। आरक्षण संबंधी आदेशों को दरकिनार कर नियुक्तियों में हो रहे खेल के आरोप तो लग ही रहे हैं, चहेतों को नियुक्ति करने और धन के बंदरबांट का भी आरोप खूब लग रहा। आलम यह कि सोशल मीडिया पर यह प्रकरण छाया हुआ है। यूजीसी से लेकर एमएचआरडी तक शिकायतों का पुलिंदा पहुंच रहा। बीते दिनों विभिन्न संगठनों ने नियुक्तियों में मानकों की अनदेखी पर आंदोलन भी किया था।

यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों में नियुक्ति पर लगाई रोक

यूजीसी ने देश के समस्त विश्वविद्यालयों में शिक्षक भर्ती पर रोक लगा दिया है। यूजीसी ने विवि के समस्त रजिस्ट्रार्स को इस बाबत पत्र जारी किया है।