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बदरंग दुनिया का स्याह सचः मौत से जद्दोजहद करती रही मासूम खुशी और शहर सोता रहा

फुटपाथ पर रहने वाली चार साल की मासूम के साथ बेरहमी, अस्पताल में मौत
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गोरखपुर

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 24 Apr 2018, 3:21 PM IST

masum khushi

गोरखपुर। फुटपाथों पर अपने नन्हें-नन्हें कदमों से धमाचैकड़ी करने खुशी अब नहीं आएगी। न जाने किसकी नजर उसे लग गई। न जाने किसकी नजर पड़ी थी उस चार साल की मासूम पर जिसने अपनी दरिंदगी दिखाते वक्त उसकी मासूमियत को नहीं देखा। खुशी अब जेहन में रहेगी लेकिन सिर्फ अपने मां-पिता के। पर धीरे-धीरे रोटी के लिए रोज-ब-रोज की कशमकश में वह भी उसे जल्द ही भूल जाएं। खुशी को न्याय मिले यह भी शायद ही संभव हो, क्योंकि वह किसी बड़े घर से नहीं थी, वह किसी मेट्रो सिटी में नहीं रहती थी।
यह तो गोरखपुर के फुटपाथ की खुशी थी। भले ही कहते हैं कि भगवान ने सभी इंसानों को बराबर बनाया है लेकिन किस्मत में तो तफरका कर दिया। तभी तो दो दिन से कराहती एक चार साल की मासूम इस दुनिया से विदा हो गई लेकिन भागमभाग वाले इस शहर में थोड़ी सी जुंबिश तक नहीं हुई।

https://www.patrika.com/gorakhpur-news/four-year-girl-found-in-critical-situation-in-gorakhpur-2690368/
दो दिन पहले तक तो वह नन्हीं चिरैया खुश थी। फुटपाथ पर मिले जीवन से उसको कोई शिकायत नहीं थी। मां-बाप भी जिंदगी की जद्दोजहद से जब थकते थे तो चार साल के इस मासूम का मुस्कुराता चेहरा उनकी थकान को पलक झपकते फुर्र कर देता था। दो दिन पहले भी तो बड़े अरमानों के साथ पिता की गोद में वह सोयी थी। लेकिन न जाने क्या हुआ। देर रात में जब पिता की आंख खुली तो खुशी गोद में नहीं थी। आसपास भी नहीं थी। उसी रात मां-बाप बदहवाश उसे खोजने लगे। काफी देर के बाद वह मिली लेकिन बेहोशी की हालत में। गले और सिर पर चोट के निशान थे। खून रिस रहा था। बदहवाश बाप ने पास जाकर पुलिस को बुलाया। जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डाॅक्टर ने हाथ खड़े कर दिए तो मेडिकल काॅलेज पहुंचाया गया। डाॅक्टर भी प्राथमिक इलाज के बाद कुछ ही देर में उसे घर भेज दिया। अगले दिन फिर उसकी हालत बिगड़ी। फिर अस्पताल। अस्पताल में जीवन-मौत के बीच एक मासूम की जद्दोजहद। लेकिन आखिरकार वह मौत से हार गई।
खुशी इस दुनिया को छोड़कर जा चुकी है लेकिन उसकेे जाने से क्या फर्क पड़ता है।
बहरहाल, ये दाग-दाग उजाला, ये शबगज़ीदा सहर, था इंतजार जिसका ये वो सहर तो नहीं।

नोटः बच्ची की पहचान छुपाने के लिए नाम बदल दिया गया है।