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डीडीयू में च्वायस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के पाठ्यक्रम में समरूपता को समिति

विद्या परिषद की बैठक में लिया गया निर्णय
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गोरखपुर

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 25 May 2018, 4:32 AM IST

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डीडीयू

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में जल्द च्वॉयस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस प्रणाली ) लागू किया जाएगा। कई सालों से विवि इसकी तैयारी में जुटा हुआ है। कला संकाय के विभिन्न विभागों द्वारा इसके लिए पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिए गए हैं। विद्या परिषद की बैठक में इस बाबत निर्णय लिया गया कि तैयार किए गए पाठ्यक्रमों में समरूपता बनाने के लिए अधिष्ठाताओं की एक समिति गठित की जाएगी।
अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. विजय कृष्ण सिंह ने कहा कि विवि के विभागों, संकायों, परिषदों का यह दायित्व है कि वे सुव्यवस्थित और सुस्पष्ट ढंग से अपनी संस्तुतियां रखें जिससे कि विवि प्रशासन को निर्णय लेने में विलम्ब न हो। उन्होंने कहा कि सीबीसीएस प्रणाली लागू करने में सभी विभाग तीव्र गति से कार्य करेंगे।
बैठक में सबसे पहले कुलसचिव शत्रोहन वैश्य ने सदस्यों का स्वागत करते हुए बैठक में विचारणीय बिंदुओं के विषय मे बताया।
प्रतिकुलपति तथा अधिष्ठाता कला संकाय ने संकाय परिषद की विभिन्न संस्तुतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कला संकाय के विभिन्न विभागों द्वारा सीबीसीएस प्रणाली के लिए तैयार किए गए सिलेबस भी विद्या परिषद के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत हुए।
कला संकाय के जिन दो विषयों क्रमशः इतिहास तथा दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा अभी सीबीसीएस प्रणाली के पाठ्यक्रम प्रस्तुत नहीं किए गए थे उन्हें भी शीघ्र ही इसे प्रस्तुत करने के लिए के लिए कहा गया।
बैठक में कुछ सदस्यों ने विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रमों में संरचनागत अंतर की ओर ध्यान आकृष्ट किया।
इसके दृष्टिगत कुलपति प्रो. विजय कृष्ण सिंह की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया की अधिष्ठाताओं की एक समिति विभिन्न पाठ्यक्रमों समरूपता सुनिश्चित करने हेतु गठित की जाए। संस्तुतियों के पश्चात इसे कार्य परिषद के समक्ष रखा जाएगा ताकि अंतिम निर्णय लिया जा सके।
बैठक में प्रो. चित्तरंजन मिश्र, प्रो. संजय बैजल, प्रो. विनोद सिंह, प्रो डी एन यादव, प्रो. अजेय गुप्ता, प्रो. आलोक गोयल, प्रो. कमलेश गुप्त, प्रो. सुषमा पांडेय ने भी विचार व्यक्त किये।