
1.25 lakh police constables will be recruit by end of 2019 clam CM Yog
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्री राम एक आदर्श राजव्यवस्था के प्रतीक हैं। समाज को तोड़ने वाले, बांटने वालों का हश्र रावण जैसा होगा यही विजयदशमी का संदेश है। अधर्म, अन्याय एवं अत्याचार के नकारात्मक एवं विध्वंशकारी बुराईयों पर धर्म, सत्य एवं न्याय के विजय का पर्व है विजयादशमी। धर्म-अधर्म, न्याय-अन्याय एवं सत्य-असत्य में यह द्वन्द सदैव से चलता आया है, यही देवासुरसंग्राम है जिसमें विजयश्री सदैव सात्विक, सकारात्मक व रचनात्मक शक्ति को प्राप्त होती है। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम उसी सात्विक, सकारात्मक एवं रचनात्मक धर्म रूपी शक्ति के प्रतीक हैं। भगवान श्रीराम का व्यक्तित्व सनातन हिन्दू धर्म का प्रतीक है जो सदैव हमें इन बुराईयों से लड़ने की प्रेरणा देता है।
गोरक्षपीठाधीश्वर महन्त योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी के अवसर पर ऐतिहासिक रामलीला मैदान में मर्यादापुरूषोत्तम भगवान श्रीराम, जगत जननी माँ सीता, लक्ष्मण के राजतिलक के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए ये बातें कही।
उन्होंने कहा कि चुनौतियों से पलायन का नाम जीवन नहीं हो सकता। चुनौतियों से जुझते हुए अधर्म, अत्याचार, अन्याय का मर्दन करते हुए जो अपना मार्ग प्रशस्त करते हैं, सदैव उन्हीं की जय होती है एवं समाज उन्हीं को अपना प्रेरणा पुरूष मानता है।
एनडी तिवारी के निधन पर यूपी सरकार ने उठाया यह कदम, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फ़ोन पर बात कर कही ये बात
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने वही आदर्श हम सबके सम्मुख रखा, वे पारिवारिक कलह से व्यथित नहीं हुए, चौदह वर्षो का वनवास उनके लिए वनों में भ्रमण करने अथवा समय व्यतीत करने का जरिया मात्र नहीं बना, अपितु भारत के धर्म के प्रति, ऋषि परम्परा का संरक्षण तथा सुरसा की तरह फैल रहे रावण के राक्षसी साम्राज्य को मिटाने का एक सशक्त माध्यम भी बनें। लेकिन उन्होंने इसके लिए समाज के सकारात्मक ऊर्जा को एकत्र किया, संगठित हिन्दू शक्ति के बल पर उस कालखण्ड के सबसे बड़े आतंक के पर्याय रावण व उसके राक्षसों का समूल नष्ट करके सनातन हिन्दू धर्म की पुनः प्रतिष्ठा किया, जिसमें हर नागरिक को पूर्ण सम्मान एवं सुरक्षा थी तथा समृद्धि के पर्याप्त अवसर थे।
सीएम योगी ने कह दी बड़ी बात, आदिशक्ति के उपासक क्याें कर रहे ये काम
उन्होंने कहा कि हमें मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम के उस आदर्श को अंगीकार करना है- जो देश के प्रत्येक हरिजन को, गिरजन को गले से लगाता है एवं धर्म के स्वरूप ऋषि परम्परा को संरक्षण प्रदान करता है साथ ही समाज की नकारात्मक और विध्वन्सकारी प्रवृत्तियों को शक्ति से कुचलने का कार्य करता है।
यह सम्भव है क्योंकि शारदीय नवरात्रि के नौ तिथियों में जगत जननी माँ भगवती दुर्गा की सात्विक उपासना के उपरान्त हिन्दू समाज के जिन चार वर्णो के आठ भुजाओं की प्रतीक जगत जननी भगवती माँ दुर्गा हैं, उनका अनुष्ठान, मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम जैसी शक्ति प्रदान करने की क्षमता रखता है।
कन्यापूजन के बाद सीएम योगी ने कह दी बड़ी बात, आदिशक्ति के उपासक क्याें कर रहे ये काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम भारत में ही नही अपितु विश्व के अनेक देशों में पूजे जाते है क्योकि श्रीराम का चरित्र हमें यदि धर्म की रक्षा की प्रेरणा देता है तो दुष्टो का संहार करने का भीं। आज कुछ पड़ोसी मुल्को द्वारा प्रायोजित अलगाववाद, आतंकवाद, नक्सलवाद रावण की तरह खतरनाक हो गया है। हमे संकल्पित होकर इसका समूल नष्ट करना होगा। हमारे धार्मिक आयोजन रूढ़िवादिता पर आधारित नही अपितु यह वैज्ञानिक है एवं पर्यावरण की रक्षा करने वाले है। इनका कार्य पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने का है। हम संकल्पित होकर हर समाज विरोधी, राष्ट्र विरोधी तत्वों का डट कर सामना करें यही विजयादशमी का संदेश है।
Published on:
20 Oct 2018 12:07 pm
बड़ी खबरें
View Allगोरखपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
