गोरखपुर में पहली बार हो रहा नाथ पंथ पर सबसे बड़े सेमिनार, सीएम योगी ने किया उद्घाटन

- सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन, देश-विदेश से आए हैं 200 से अधिक विद्वान
- तीन दिन चलेगा यह कार्यक्रम

By: Karishma Lalwani

Published: 20 Mar 2021, 04:20 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

गोरखपुर. यूपी के गोरखपुर में नाथ पंथ पर सबसे बड़े कार्यक्रम का आगाज शुरू हो चुका है। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय 'नाथ पंथ का वैश्विक प्रदेय कार्यक्रम का उद्घाटन किया। सीएम योगी ने अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी सह वेबिनार में हिस्सा लिया और प्रदर्शनी का दौरा किया। 20 से 22 मार्च तक इस विषय पर अंतरराष्‍ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में देश और विदेश के 250 विद्वान ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से जुड़कर अपने विचार रखेंगे।

6 विषयों पर आयोजित कार्यक्रम

अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में छह प्रमुख विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इन छह प्रमुख विषयों पर 36 तकनीकी सत्रों में देश और विदेश के 250 विद्वान ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर अपने विचार रखेंगे। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की ओर से 'नाथ पंथ के वैश्विक प्रदेय' विषयक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में छह प्रमुख टॉपिक ‘भारतीय योग परम्‍परा व नाथ पंथ’, दर्शन-साधना-साहित्‍य और नाथ पंथ, नाथ पंथ सामाजिक-सांस्‍कृतिक एवं वैज्ञानिक आधार, नाथ पंथ के सांस्‍कृतिक स्‍थल एवं पर्यटन और नाथ पंथ एवं अंतरराष्‍ट्रीय साहित्‍य विषय पर आयोजित किया गया है।

नाथ पंथ सिद्ध संप्रदाय है

कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद सीएम योगी ने कहा कि नाथ पंथ सिद्ध संप्रदाय है। इस संप्रदाय के योगियों और संतों से जुड़े कई ऐसे प्रसंग हैं, जो सभी को नाथ पंथ से जुड़ने को बाध्य करते हैं। यही वजह है कि पूरी दुनिया में नाथ पंथ का विस्तार है। सीएम ने कहा कि पाकिस्तान के पेशावर, अफगानिस्तान के काबुल और बंग्लादेश के ढाका को भी नाथ पंथ के योगियों ने अपनी साधना स्थली बनाया है।

पूरी दुनिया में मिलेंगे मठ और मंदिर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नाथ पंथ की परंपरा भगवान शिव से शुरू होकर नवनाथ और 84 सिद्धों के साथ आगे बढ़ती है। यही वजह है कि पूरी दुनिया में इस संप्रदाय के मठ या मंदिर मिल जाएंगे। कोई भी व्यक्ति अपनी परंपरा और संस्कृति को विस्मृत करके लक्ष्य की प्राप्ति नहीं कर सकता। ऐसा व्यक्ति त्रिशंकु बनकर रह जाता है और त्रिशंकु का कोई लक्ष्य नहीं होता। समाज में व्यापक परिवर्तन के लिए उन्होंने शिक्षा केंद्रों से अपील की कि वह अपनी संभ्यता और संस्कृति से जुड़कर अध्ययन-अध्यापन प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं। उद्घाटन कार्यक्रम को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. डीपी सिंह ने भी संबोधित किया। अतिथियों का स्वागत कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने किया।

किसान सम्मेलन को करेंगे संबोधित

रविवार को मुख्यमंत्री योगी जनता दर्शन के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद चरगांवा में प्रदेश सरकार के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने पर किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम के बाद सीएम योगी पूर्वांचल के रंगकर्मियों को 49.50 करोड़ रुपये की लागत से रामगढ़ झील और एनेक्सी भवन के निकट निर्मित महायोगी गुरु योगी बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह व सांस्कृतिक केन्द्र का लोकार्पण करेंगे।

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Karishma Lalwani
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