बच्चे रोज मर रहे हैं। यह बेहद ही दुखद है। सरकार में बैठे लोगों को संवेदनशील होने की जरूरत है। उनको सोचना होगा कि रोज रोज किसी न किसी मां की गोद सूनी हो रही, किसी के घर का चिराग बुझ रहा। आखिर क्यों अभी तक बच्चों को बचाने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किये गए।