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अब सौर उर्जा से जगमगाएगा गोरखपुर विश्वविद्यालय

90 दिनों में पूरी हो जाएगी सौर उर्जा परियोजना, कुलपति ने किया परियोजना का शुभारंभ

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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय बहुत जल्द सौर उर्जा से जगमगाएगा। विवि ने सौर उर्जा से परिसर को रोशन करने की पहल शुरू कर दी है। कुलपति प्रो. विजय कृष्ण सिंह ने विश्वविद्यालय परिसर में सौर ऊर्जा उपक्रम के पहले प्रोजेक्ट की स्थापना का बुधवार को विधिवत शुभारंभ किया।
इस परियोजना में आधारभूत ढांचे का काम 90 दिनों के भीतर पूरा हो जाएगा और परिसर सौर ऊर्जा से जगमग रहेगा।
एक संक्षिप्त समारोह में इसका शुभारंभ करते हुए कुलपति प्रो विजयकृष्ण सिंह ने कहा कि दुनिया भर में ऊर्जा संकट को देखते हुए वैकल्पिक ऊर्जा प्रबंधन की दिशा में काम हो रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार भी इस दिशा में निरंतर प्रयत्नशील है। राष्ट्र निर्माण की प्राथमिकताओं में कदम से कदम मिलाते हुए आज दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विवि ने भी इस दिशा में मजबूत पहल कर दी है।
उन्होंने कहा कि इस प्लांट के पूर्णतः क्रियाशील हो जाने के बाद प्रशासकीय भवन सहित विश्वविद्यालय के सभी भवन सौर ऊर्जा का उपयोग करने लगेंगे। सबसे पहले इसकी शुरुआत प्रशासनिक भवन पर इसलिए की गई है क्योंकि विश्वविद्यालय के सभी प्रशासकीय कार्य इसी भवन से संचालित होते हैं लेकिन शीघ्र ही दूसरे भवन भी इससे आच्छादित हो जाएंगे।
कुलपति प्रो. सिंह ने बताया की इस पहल के बाद परिसर न केवल विद्युत आपूर्ति में आत्मनिर्भरता हासिल कर लेगा बल्कि अतिरिक्त ऊर्जा को नेशनल पावर ग्रिड को भी दे सकेगा।
उन्होंने बताया कि अभी विवि सात रुपये प्रति यूनिट की दर से विद्युत आपूर्ति हासिल कर रहा है लेकिन इस परियोजना के शुरू होने के बाद ये लागत घटकर तीन रुपये प्रति यूनिट हो जाएगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि ये दरें अगले बीस वर्षों तक नही बदलेंगी। इससे विवि को आर्थिक लाभ भी होगा।

प्रोजेक्ट के बारे में जानकरी देते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव शत्रोहन वैश्य ने बताया कि एक मेगा वाट क्षमता वाले इस सौर ऊर्जा प्लांट की स्थापना प्रशासकीय भवन के द्वितीय तल पर की जा रही है। जिसे मेसर्स क्लीन मैक्स इनवायरो एनर्जी सोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित किया जा रहा है ।
कुलसचिव ने बताया कि आने वाले 3 माह के भीतर 320 वाट क्षमता के 3100 सोलर पैनल लगा लिए जाएंगे जिससे 1000 किलोवाट की ऊर्जा आपूर्ति होगी। उन्होंने बताया कि अभी विवि को 1200 किलोवाट बिजली की जरूरत पड़ती है। इसका बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से हासिल करने के बाद विवि इस मद में व्यय होने वाली बड़ी धनराशि भी बचा सकेगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।