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डीडीयू छात्रसंघ चुनावः विवि ने तय किये प्रत्याशियों के अर्हता, जानिए क्यों नहीं लड़ सकेगा कोई दुबारा चुनाव

आपराधिक छवि वाले प्रत्याशियों पर भी विवि ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय

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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनावों की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। विवि द्वारा चुनाव अधिकारी के रूप में प्रो.ओपी पांडेय को नियुक्त करने के बाद चुनावी तैयारियां भी तेज हो गई हैं। मंगलवार को विवि में चुनाव को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में लिंगदोह समिति की सिफारिशों को अक्षरशः लागू करने की सहमति बनी। तय हुआ कि छात्रसंघ चुनाव लिंगदोह की सिफारिशों के आधार पर कराया जाएगा। पहली बार विवि ने चुनाव कराने के लिए एक सलाहकार समिति का भी गठन किया है। इस समिति में उन मामलों को रखा जाएगा जो चुनाव के बाबत संशय उत्पन्न करते हों ताकि पारदर्शी व निष्पक्ष चुनाव पर आंच न आ सके।
विवि के चुनाव अधिकारी व वरिष्ठ आचार्य प्रो.ओपी पांडेय ने बताया कि छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्रों व चुनाव लड़ने वाले नेताओं में नियमों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विवि की बैठक में सभी बिंदुओं पर विचार विमर्श किया गया। चुनाव संबंधी हाईलेवल कमेटी की बैठक में तय किया गया कि लिंगदोह आयोग की सिफारिश के अनुसार छात्रसंघ चुनाव लड़ चुका कोई प्रत्याशी दुबारा चुनाव नहीं लड़ सकेगा। जैसे यदि कोई अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री या किसी अन्य पद पर चुनाव लड़ा हो उसका परिणाम चाहे जो भी रहा, वह दुबारा चुनाव नहीं लड़ सकता।
प्रो.पांडेय ने बताया कि सिर्फ कार्यकारिणीध्संकाय प्रतिनिधि का चुनाव लड़ चुके प्रत्याशी दुबारा चुनाव लड़ने के लिए अर्ह माने जा सकते हैं।

आपराधिक छवि वाले चुनाव लड़ सकते, सजायाफ्ता पर रोक

विवि की बैठक में यह भी तय हुआ कि आपराधिक मुकदमें वाले छात्रध्छात्रा चुनाव लड़ सकते हैं बशर्ते उसको सजा न मिली हो। यानी विचाराधीन केस वाले प्रत्याशी चुनाव मैदान में आ सकते हैं। प्रो.पांडेय ने बताया कि वे प्रत्याशी जिन पर केस हैं लेकिन अभी सजा नहीं हो सकी है उनको चुनाव लड़ने की छूट है।

15 सितंबर से पहले चुनाव कराए जाएंगे

प्रो.पांडेय ने बताया कि 15 सितंबर से पहले छात्रसंघ चुनाव कराए जाने हैं। इसके लिए 31 अगस्त को जिला प्रशासन से बातचीत की जाएगी। जिला प्रशासन से सहमति बनते ही चुनाव तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विवि परिसर, आसपास या शहर में बैनर-पोस्टर, होर्डिंग लगाने वाले प्रत्याशी 31 अगस्त के पहले अपने बैनर-पोस्टर हटवा लें। इसके बाद विवि आचार संहिता के उल्लंघन में कार्रवाई करने को बाध्य होगा।

पहली बार बनाई गई सलाहकार समिति

लिंगदोह आयोग की सिफारिशों में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति या चुनाव के दौरान किसी आरोप-प्रत्यारोप, शिकायत की जांच के दौरान चुनाव अधिकारी की मदद के लिए एक सलाहकार समिति का गठन किया गया है। इस समिति में विवि के प्रतिकुलपति, समस्त डीन, प्राक्टर, रजिस्ट्रार को शामिल किया गया है। इस समिति में कुलपति भी होंगे। चुनाव अधिकारी प्रो.ओपी पांडेय ने बताया कि चुनाव के दौरान नियमों को लेकर किसी प्रकार के भ्रम की स्थिति में यह सलाहकार समिति मार्गदर्शन कर सकेगी।

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