
Jio Phone यूजर्स के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है। इसे 1,500 में खरीद सकते हैं। इसमें 2MP रियर कैमरा और 0.3MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। पावर के लिए फोन में 2000mAh की बैटरी दी गयी है।
सीबीआई अफसर बताकर रेल अफसरों पर रौब जमाने वाले एक फर्जी अधिकारी को आरपीएफ ने गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को आईपीएस बताते हुए अधिकारियों को अर्दब में लेता था और ट्रांसफर-पोस्टिंग का दबाव बनाता था। रेस्ट हाउसों की बुकिंग और टिकट कंफर्म कराने के लिए भी आए दिन रेलवे अधिकारियों को फोन करता था।
रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों के मुताबिक पकड़ा गया व्यकित रेलवे का बर्खास्त कर्मचारी है। आरपीएफ ने उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर जेल भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि बीते 29 मार्च को एनई रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त राजाराम के मोबाइल नंबर पर एक फोन आया। फोन करने वाले खुद को सीबीआई का अधिकारी बताया। बताया कि वह सीबीआई लखनऊ में तैनात है और गोंडा में तैनात आरपीएफ के इंस्पेक्टर खिलाफ जांच का निर्देश मिला है। खुद को 96 के बैच का आईपीएस बताते हुए इंस्पेक्टर के कुछ कागजात मांगे। फोन करने वाले की बातों पर मुख्य सुरक्षा आयुक्त को कुछ शक हुआ। उन्होंने सीबीआई अफसर के बारे में गोपनीय तरीके से अपने उच्चसूत्रों से पता लगवाया। जैसे जैसे फोन करने वाले के बारे में जानकारी मिलनी शुरू हुई, अधिकारियों के होश उड़ने लगे। पता लगा कि फोन करने वाला फर्जी आईपीएस है। वह विभिन्न नंबरों से कभी आलोक कुमार तो कभी राजीव कुमार बनकर अधिकारियों को फोन करता है। पड़ताल शुरू हुई तो पता लगा कि उक्त व्यक्ति ने एनई रेलवे के डीआरएम, प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक, प्रमुख मुख्य यांत्रिक अभियंता, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, सहायक वाणिज्य प्रबंधक के अलावा अन्य रेल डिवीजन्स के दर्जन भर से अधिक अधिकारियों को फोन किया है।
पूरी पड़ताल के बाद आरपीएफ ने फर्जी अधिकारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। फिर उसे धरदबोचा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रेम शंकर सिंह बताया। वह चंदौली के अलीनगर क्षेत्र के कचमन गांव का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि प्रेमशंकर रेलवे में कर्मचारी रहा है लेकिन बर्खास्त कर दिया गया था।
Published on:
13 Sep 2018, 3:04 PM IST
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