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गोरखपुर AIIMS में महिला डॉक्टरों से छेड़खानी, विशाखा कमेटी की रिपोर्ट में विभागाध्यक्ष दोषी, दो साल बाद उभरा मामला

गोरखपुर AIIMS में छेड़खानी का दो साल पुराना मामला फिर उभरा है, विशाखा कमेटी ने जांच कर रिपोर्ट दी है। मामला वर्ष 2023 का है, महिला डॉक्टरों ने विभागाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाया था जिसकी जांच चल रही थी।

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फोटो सोर्स: पत्रिका, AIIMS गोरखपुर में उभरा छेड़खानी का मामला

गोरखपुर एम्स में छेड़खानी का मामला दो साल बाद फिर उभरा है, यहां एक विभागाध्यक्ष द्वारा महिला डॉक्टरों से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। चार महिला डॉक्टरों ने विभागाध्यक्ष यह गंभीर आरोप लगाया है, इस मामले की जांच विशाखा कमेटी ने की। आरोपित विभागाध्यक्ष दूसरे एम्स में चले गए हैं। विशाखा कमेटी ने इस गंभीर मामले में कमेटी से सुझाव दिए हैं कि AIIMS गोरखपुर के कार्यकारी निदेशक उस संस्था के निदेशक को इस बात की जानकारी दे सकते हैं।

कार्यकारी निदेशक ने कहा रिपोर्ट अभी नहीं मिली

जानकारी के मुताबिक यह घटना वर्ष 2023 की है। पीड़ित डॉक्टरों ने तत्कालीन कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर को शिकायत की थी। निदेशक ने मामले को सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला बल्कि आरोपी का व्यवहार महिला डॉक्टरों के प्रति और अड़ियल हो गया। इस बावत AIIMS गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (रिटायर्ड) डा. विभा दत्ता ने कहा कि विशाखा कमेटी मामले की जांच कर रही है। अभी रिपोर्ट मुझे नहीं मिली है।

जांच में बार बार आरोपी को बुलाने पर भी नहीं आया

इधर इस मामले में विशाखा कमेटी ने आरोपी को कई बार बुलाया लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। आरोपी ने 26 अगस्त को केवल ऑनलाइन माध्यम से जांच में भाग लिया और सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। महिला डॉक्टरों का कहना है कि जब उन्होंने तत्कालीन कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर को शिकायत दी तो उन्होंने दोनो पक्षों को गलतफहमी दूर करने को सलाह दी, लेकिन विशाखा कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद फिर मामले की चर्चा होने लगी है।