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गोरखपुर का माफिया अजीत शाही बना डॉन नंबर 62, 7 साल तक सफेदपोश बना घूम रहा था

गोरखपुर के 5 माफिया (अजीत शाही, राजन तिवारी, विनोद उपाध्याय, सुधीर सिंह, राकेश यादव) पुलिस के निशाने पर हैं। इसमें अजीत शाही को छोड़कर बाकी चार प्रदेश भर के 61 माफियाओं की सूची में भी शामिल हैं।

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Ajit Shahhi

माफिया अजीत शाही की फाइल फोटो

Gorakhpur News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अपराधियों के प्रति सख्त कारवाई का स्पष्ट निर्देश हैं इस पर जिला पुलिस एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर, एसपी सिटी केके विश्नोई, एसपी नार्थ मनोज अवस्थी, एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में जिले मे माफियाओं, अपराधियों को मिट्टी में मिलाने का क्रम शुरू हो चुका है।

गोरखपुर के 5 माफिया पुलिस के निशाने पर
गोरखपुर के 5 माफिया (अजीत शाही, राजन तिवारी, विनोद उपाध्याय, सुधीर सिंह, राकेश यादव) पुलिस के निशाने पर हैं। इसमें अजीत शाही को छोड़कर बाकी चार प्रदेश भर के 61 माफियाओं की सूची में भी शामिल हैं। अजीत शाही ने सात साल तक पुलिस के आंख में धूल झोंकते हुए खुद को इस सूची से न सिर्फ दूर रखने में कामयाब हुआ था बल्कि टॉप टेन की लिस्ट से भी उसने अपना नाम बाहर निकलवा लिया था।

बैंक में धमकी देने के मामले में आया निशाने पर
रेलवे को-ऑपरेटिव बैंक में घुसकर धमकी के मामले में पुलिस की निगाह में चढ़ा माफिया अजीत शाही अब न सिर्फ टॉप-10 की सूची में शामिल हो गया है बल्कि प्रदेश के माफिया वाली लिस्ट में भी उसका नाम डाला जा रहा है। ताकि प्रदेश स्तर से भी उस पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा इन सभी माफियाओं उनके गुर्गों पर नजर रखने और सजा दिलाने के लिए एक-एक अधिकारी नियुक्त किया गया है। वर्तमान में माफिया अजित व सुधीर जेल में है। राजन तिवारी और राकेश यादव जमानत पर बाहर है जबकि विनोद फरार है।

सभी माफियाओं की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी
इस तरह से शिकंजा कसेंगे नोडल अधिकारी एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया की नोडल अधिकारी इन सभी अपराधियों की कुंडली तैयार करेंगे। अपराधी की वर्तमान आय का स्रोत,उनके लिए काम करने वाले गुर्गे की पहचान? चल-अचल संपत्ति का ब्योरा तथा उनके द्वारा पोषित अपराधियों की सूची तैयार कर उनपर कार्यवाही करेंगे, गैंगेस्टर के तहत उनकी सम्पत्ति कुर्क कराना और माफियाओं के मुकदमा में प्रभावी पैरवी कर उन्हें सजा दिलाने की जिम्मेदारी भी इनकी होगी। अपराधियों के गैर न्यायिक सभी व्यवसाय बंद किए जाएंगे और न्यायिक व्यवसाय की जांच कि जाएगी यदि उनमें अपराधिक तरीको से अर्जित संपत्ति का निवेश है तो उन्हें भी बंद कराएंगे।

नोडल अधिकारियों को मिला टारगेट
माफिया राजन तिवारी और सुधीर सिंह के लिए एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह, विनोद उपाध्याय और अजीत शाही के लिए एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई व एसपी क्राइम इंदु प्रभा सिंह तो वहीं राकेश यादव के लिए एसपी नॉर्थ मनोज कुमार अवस्थी व एएसपी मानुष पारिख को नोडल बनाया गया है।

फरार विनोद की तलाश में दबिश जारी, पूछताछ
25 हजार के इनामी माफिया विनोद व उसके भाई संजय की गिरफ्तारी में जुटी पुलिस की उसके ठिकाने पर दबिश जारी है। माफिया के कई गुर्गों व करीबी इंजीनियर व एक अन्य को बुलाकर पुलिस ने जानकारी जुटाई है। कोर्ट में सरेंडर करने की संभावना को देखते हुए पुलिस मुस्तैद है।सूत्रों के अनुसार माफिया विनोद पर रंगदारी का केस में इनाम होने के बाद कुछ और लोग जो उसके सताए हैं उन्होंने तहरीर दी है। जल्द ही विनोद पर कुछ और केस दर्ज हो सकता है।

रिकवरी एजेंसी में एडजेस्ट कर रखा है अपने गुर्गों को
एसएसपी ने बताया की अजीत शाही की रिकवरी एजेंसी उसकी अपराधिक सत्ता के दम पर बनाई गई है। जिसे बड़े खास तरीके से उसने कानूनी जामा पहनाया है। रिकवरी एजेंसी में उसने अपने सारे गुर्गों को शरण देने के साथ ही उससे आय का भी स्रोत बना रखा है। उसके दोनों यार्ड पर भी पुलिस लगाम लगाएगी। वहीं माफिया अजीत शाही के संपर्क में रहे एक जन प्रतिनिधि व कुछ पुलिसवाले जो अजीत शाही के यहां मांगलिक कर्यक्रम में गए थे, उसकी भी जांच हो रही है।