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UP के इस शहर को रेड जोन, येलो जोन, ग्रीन जोन में बांटा गया, नियम उल्लंघन पर होगी कड़ी कारवाई

जबकि येलो जोन और ग्रीन जोन के लिए ड्रोन उड़ाने का मानक तय है। उस मानक से अधिक ऊंचाई पर ड्रोन उड़ाने के लिए एसपी ऑफिस से परमिशन लेनी होगी. यह रूल तोडऩे पर ड्रोन जब्त कर पुलिस एफआई तो लिखेगी ही, साथ ही अभियुक्त को एक लाख रुपए पेनाल्टी भी भरनी पड़ेगी।

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UP के इस शहर को रेड जोन, येलो जोन, ग्रीन जोन में बांटा गया, नियम उल्लंघन पर होगी कड़ी कारवाई

UP के इस शहर को रेड जोन, येलो जोन, ग्रीन जोन में बांटा गया, नियम उल्लंघन पर होगी कड़ी कारवाई

गोरखपुर। ड्रोन उड़ाने को लेकर प्रशासन ने कड़े नियम बनाए हैं। इस बाबत SP सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि सिटी को तीन जोन रेड, येलो और ग्रीन में बांटा गया है।रेड जोन में गोरखपुर एयरपोर्ट को रखा गया है, जिसके आस-पास किसी को भी ड्रोन उड़ाने की इजाजत नहीं है।

जबकि येलो जोन और ग्रीन जोन के लिए ड्रोन उड़ाने का मानक तय है। उस मानक से अधिक ऊंचाई पर ड्रोन उड़ाने के लिए एसपी ऑफिस से परमिशन लेनी होगी. यह रूल तोडऩे पर ड्रोन जब्त कर पुलिस एफआई तो लिखेगी ही, साथ ही अभियुक्त को एक लाख रुपए पेनाल्टी भी भरनी पड़ेगी।


क्या है रेड, येलो और ग्रीन जोन

रेडजोन: गोरखपुर एयरपोर्ट और उसके आस-पास का एरिया है। गोरखपुर एयरपोर्ट जियो फेंसिंग टेक्निक से लैस है, यह ऐसी टेक्निक है, जिससे आस-पास के एरिया में कोई भी ड्रोन उड़ाने का प्रयास भी करता है तो वह ऐसा नहीं करने देती है, यानी रेड जोन में ड्रोन उड़ा पाना भी असंभव है।


येलोजोन: रेड जोन से बाहर का 12 किमी तक का एरिया येलो जोन बनाया गया है।येलो जोन में 200 फीट ऊंचाई तक ड्रोन उड़ाने के लिए परमिशन की आवश्यकता नहीं होगी। इससे अधिक ऊंचाई पर ड्रोन उड़ाने के लिए परमिशन लेनी पड़ेगी।

ग्रीनजोन: येलो जोन के बाहर का जो एरिया होगा, वह ग्रीन जोन माना जाएगा।ग्रीन जोन में 400 फीट ऊंचाई तक ड्रोन बिना परमिशन के उड़ाया जा सकेगा। इससे अधिक ऊंचाई पर ड्रोन उड़ाने के लिए परमिशन लेनी होगी।


ड्रोन उड़ाने के लिए कराना होगा रजिस्ट्रेशन

ड्रोन रखने वालों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. नागर विमानन महानिदेशायल (डीजीसीए) के पोर्टल पर ड्रोन का रजिस्ट्रेशन होगा। इसके साथ ही ड्रोन की गतिविधियों पर थाना स्तर पर भी निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों, राज्य कर्मियों को ड्रोन की तकनीक, ड्रोन के संचालन और ड्रोन संबंधी कानूनी नियमों और शर्तों की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

किसी भी स्थान को बनाया जा सकता है रेड जोन

अभी गोरखपुर एयरपोर्ट रेड जोन में है। इसके अलावा ऐसी कोई भी जगह जहां वीआईपी, वीवीआईपी प्रोग्राम और त्योहार, धार्मिक सम्मेलन वाले स्थान को पुलिस सुरक्षा के लिहाज से अस्थाई रेड जोन बना सकती है।

गोरखनाथ मंदिर भी बन सकता है रेड जोन

ये बता दें कि अभी हाल ही में गोरखनाथ मंदिर में कुछ युवकों ने रील्स बनाने के लिए ड्रोन उड़ा दिया था। पुलिस ने ड्रोन जब्त कर उन युवकों पर कार्रवाई भी की थी. सुरक्षा के लिहाज से गोरखनाथ मंदिर को भी रेड जोन में शामिल किया जा सकता है. इस पर बात चल रही है।

SP सिटी बोले

SP सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि ड्रोन के लिए पॉलिसी जारी हो गई है। अब ड्रोन उड़ाने के लिए जो नियम और मानक बने हैं, उसका सभी को पालन करना होगा।शहर के किसी भी एरिया को अस्थाई, स्थाई रेड जोन घोषित किया जा सकता है।इसके लिए जिलास्तरीय कमेटी बनाई गई है।जो यह फैसला करेगी।

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