
कौन है ये गौरव गुप्ता ?, जिसके आगे नतमस्तक है गोरखपुर प्रशासन!....ऐसे तो आतंकियों को भी मिल जायेगा पटाखों का लाइसेंस
गोरखपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में इन दिनों एक नाम काफी चर्चा में है। वो नाम है गौरव गुप्ता। लेकिन, आखिर यह गौरव गुप्ता कौन है? जिसके आगे सभी सरकारी विभागों के अफसर नतमस्तक हो गए हैं। दिवाली पर लगने वाली अस्थाई पटाखा दुकानों के लाइसेंस बांटने का काम जिला प्रशासन ने इसे सौंप दिया है। लाइसेंस रेन्युअल कराने से लेकर पुलिस और फॉयर डिपार्टमेंट की NOC रिपोर्ट भी यही शख्स लगवा रहा है।
इसके एवज में यह शख्स व्यापारियों से 16 से 20 हजार रुपए वसूल कर रहा है। वर्षों से अलार्ट दुकानों के नंबर भी यही ठेकेदार अब अपने मन माफिक तय कर रहा है। आगे दुकान लगाने वालों को इसके लिए अलग से पैसा देना पड़ रहा है। जो लोग सिर्फ 16 हजार रुपए दे रहे हैं, उनकी दुकान पीछे ढकेल दी जा रही है।
...तो कहीं आतंकियों को भी लाइसेंस ना जारी कर दे ठेकेदार
क्योंकि, जिला प्रशासन ने इस बार टाउनहाल कचहरी क्लब मैदान में पटाखों की दुकानों के लाइसेंस बांटने का जिम्मा एक पटाखा व्यापारी को दे दिया है। जो अब अपने हिसाब से टाउनहाल कचहरी क्लब मैदान में लाइसेंस बांटने से लेकर दुकानें लगवाने का काम कर रहा है। ऐसे में इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि जब प्राइवेट ठेकेदार बिना जांच-पड़ताल के लाइसेंस बांटेगा तो वो किसी आतंकी या संदिग्ध को भी लाइसेंस जारी कर सकता है। साथ ही जब टाउनहाल कचहरी क्लब की मॉनिटरिंग भी ठेकेदार कर रहा है तो यहां मानक भी पूरा कर पाना संभव नहीं है
प्राइवेट ठेकेदार से सीएम सुरक्षा में लग सकती है है सेंध खतरा
दिवाली पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 3 दिन गोरखपुर में ही रहेंगे। वहीं, सीएम योगी का नाम आतंकियों के हिट लिस्ट में होने की बात पहले भी कई बार सामने आ चुकी है। लगातार उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं। जबकि, दो साल पहले आतंकी मुर्तजा अब्बासी गोरखनाथ मंदिर पर हमला भी कर चुका है। एक ओर प्रदेश सरकार इसे लेकर जहां बेहद गंभीर है और लगातार गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने में जुटा हुआ है। वहीं, दूसरी तरफ जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त प्राइवेट ठेकेदार से इन खतरों की संभावना और अधिक बढ़ गई है।
गौरव के रुतबे से अफसर भी खा रहे खौफ
हैरान करने वाली बात यह है कि प्राइवेट ठेकेदार को काम देने के लिए किसी तरह की टेंडर और निविदा भी नहीं निकाली गई है। व्यापारियों के मुताबिक, ठेकेदार गौरव गुप्ता का रुतबा काफी बड़ा है। उसकी राजनैतिक और प्रशानिक पकड़ काफी उपर तक है। जिससे यहां बड़े-बड़े अफसर खौफ खाते हुए नजर आ रहे हैं। कोई भी उसके खिलाफ कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है। उसकी शिकायत करने वालों को लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दी जा रही है।
डीएम से लेकर सीएम तक शिकायत बेअसर
पटाखों की दुकान लगाने वाले व्यापारियों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर डीएम, कमिश्नर, फॉयर डिपार्टमेंट और विजलेंस तक से की है। लेकिन, कोई भी सरकारी महकमे का अफसर इसे गलत मानने को तैयार नहीं है। सभी इसे पटाखा व्यापारियों के लिए सुविधा बता रहे हैं। जबकि, विजलेंस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। गोरखपुर यूनिट की विजलेंस टीम इस मामले में शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज कर रही है। जांच में साक्ष्य मिलने पर टीम बड़ा एक्शन ले सकती है।
CFO दफ्तर से दी जा रही गौरव से मिलने की सलाह
हालत यह है कि जो व्यापारी ठेकेदार को पैसे ना देकर खुद अपना लाइसेंस रेन्युअल करा रहे हैं, उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। थानों से रिपोर्ट लगवाने के बाद जब आवेदक फायर डिपार्टमेंट पहुंच रहे हैं तो वहां CFO दफ्तर में मौजूद कर्मचारी आवदेकों को गौरव गुप्ता से मिलने की सलाह दे रहे हैं। CFO से शिकायत करने पर कहा जा रहा है कि अच्छा आपका काम हम करा देते हैं। आप नाराज ना हों।
13 जगहों पर लगेंगी 670 दुकानें
दरअसल, इस बार दिवाली पर्व में गोरखपुर में 13 जगहों पर 670 अस्थाई पटाखे की दुकानें लगाई जाएंगी। इन दुकानों पर पटाखे तो हर वैराइटी के मिलेंगे, लेकिन वहां माचिस, मोमबत्ती और दीए की बिक्री नहीं होगी। दो पटाखों की दुकानों के बीच 9 वर्ग मीटर की दूरी रहेगी। टीन शेड से दुकान का निर्माण होगा। दावा है कि यहां फायर सेफ्टी के सारे उपाय मौजूद रहेंगे। फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट ने पटाखों की दुकान लगाने के लिए गाइड लाइन जारी कर दी है। गाइड लाइन को इग्नोर कर दुकान लगाने वालों के पटाखे जब्त कर लिए जाएंगे। लेकिन, ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब सारे काम प्राइवेट ठेकेदार तय कर रहा है तो वो क्या यहां इस गाइड लाइन का पालन करेगा?
यहां लगेगी सबसे अधिक दुकान
गोरखपुर में सबसे अधिक चंपा देवी में 150, टाउनहाल में 72 और राजकीय पालीटेक्निक असुरन में 40 पटाखे की दुकान लगाई जाएंगी। इसके अलावा 10 स्थानों पर 25 से 30 दुकाने ही लगेंगी। तीन स्थान जहां पर सबसे अधिक पटाखे की दुकान होंगी, वहां पर 200 लीटर पानी वाले दो ड्रम, 100 फीट बालू रखे जाएंगे।
कचहरी क्लब के लिए रख दिया प्राइवेट ठेकेदार
लेकिन, इन सबके बीच कचहरी क्लब में लगने वाली पटाखा दुकानों के लिए सिटी मजिस्ट्रेट दफ्तर की ओर से एक प्राइवेट ठेकेदार नियुक्त कर दिया गया है। व्यापारियों का आरोप है कि इसके लिए ना ही किसी तरह का टेंडर जारी हुआ और ना ही कोई निविदा निकाली गई।
ठेकेदार खुद भी पटाखा व्यापारी बताया जा रहा है। जो व्यापारियों से अस्थाई लाइसेंस के फार्म जमा कराने से लेकर उनके थानों और फायर के वेरिफिकेशन, कचहरी क्लब में जगह देने के लिए 16 से 20 हजार रुपए की डिमांड कर रहा है। जबकि, सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाबू भी कोई काम खुद करने की बजाय, व्यपारियों को ठेकेदार के पास जाने की सलाह दे रहे हैं।
टाउनहाल में 50 की जगह लगेंगी पटाखों की 74 दुकानें
कचहरी क्लब टाउनहाल का मैदान में कई वर्षों से दुकान लगा रहे व्यापारियों का आरोप है कि पहले यहां 60-62 दुकानें लगती थीं। जिसके लाइसेंस पर जो दुकान नंबर अलार्ट है, उसी के मुताबिक हर साल लाइसेंस रेन्युअल कर दुकानें लगती हैं। इसमें किसी व्यापारी को भी किसी तरह की आपत्ति नहीं होती। इस बार फॉयर विभाग ने यहां 50 दुकानें लगाने का नक्शा बनाया था। जबकि, सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय की ओर से नए लाइसेंस बनाकर 74 दुकानें लगाने का नक्शा तैयार किया गया है।
अब तक भारत-नेपाल सीमा से पकड़े गए प्रमुख आतंकी
27 जून 2023 को UP ATS ने गोरखपुर के नखास से ISIS संदिग्ध मोहम्मद तारिक अतहर को अरेस्ट किया था।
1991 मे खालिस्तान एरिया फोर्स का डिप्टी कमांडर सुखबीर सिंह।
1991 में ही नेपाल की बढ़नी सीमा पर खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के भागा सिंह और अजमेर सिंह की गिरफ्तारी हुई थी।
1993 में आतंकी टाइगर मेमन।
1995 में ISI एजेंट यासिया बेगम।
2000 में आसिम अली और चार आतंकी।
2002 में परसामलिक थाने के पास कारतूसों का जखीरा पकड़ा गया था जो कि बिहार के MCC उग्रवादियों ने नेपाल के माओवादियों के लिए भेजा था।
2007 में लश्कर के आतंकी सादात रशीद मसूद आलम की गिरफ्तारी।
2009 में मुंबई के आतंकी नूरबक्श और इश्तियाक उर्फ शैतान की गिरफ्तारी।
2013 में आतंकी लियाकत अली शाह की गिरफ्तारी।
2013 में आतंकी हमलों में 140 लोगों की हत्या के आरोपी और मोस्ट वॉन्टेड आंतकवादी यासीन भटकल की गिरफ्तारी।
अब्दुल करीम टुंडा को भी उत्तराखंड में नेपाल की खुली सीमा पर ही गिरफ्तार किया गया था।
2022 में गोरखनाथ मंदिर का हमलावर मुर्तजा अहमद अब्बासी गोरखपुर से पकड़ा गया।
27 जनवरी 2023 में NIA ने गोरखपुर से आतंकी दीपक रंगा को अरेस्ट किया था। दीपक रंगा ने पंजाब के मोहाली स्थित खुफिया विभाग के मुख्यालय पर 9 मई 2022 को रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड से हमला किया था।
Published on:
08 Nov 2023 05:12 pm

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