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खुशखबरी : गोरखपुर यूनिवर्सिटी से भी किया जा सकेगा पत्रकारिता में PhD

"प्रेस परिषद की प्रासंगिकता ***** विषय पर हुई संगोष्ठी में अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति ने यह भी आश्वस्त किया कि जल्द पत्रकारिता के छात्रों को स्टूडियो भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया जल्द नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मानकों पर पत्रकारिता के पाठ्यक्रम का संचालन भी किया जाएगा।

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खुशखबरी : गोरखपुर यूनिवर्सिटी से भी किया जा सकेगा पत्रकारिता में PhD

खुशखबरी : गोरखपुर यूनिवर्सिटी से भी किया जा सकेगा पत्रकारिता में PhD

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीजे और एमजे करने वाले विद्यार्थियों को पीएचडी करने के लिए दूसरे उच्च शिक्षण संस्थानों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्हें विश्वविद्यालय में पीएचडी का अवसर प्रदान किया जाएगा। बहुत जल्द पत्रकारिता विषय विश्वविद्यालय में संचालित होने वाले उन पाठ्यक्रमों में शामिल हो जाएगा, जिसमें पीएचडी की उपाधि दी जाती है। यह घोषणा कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर हिंदी विभाग में आयोजित संगोष्ठी के दौरान की।

प्रेस परिषद की प्रासंगिकता विषय पर हुई संगोष्ठी

"प्रेस परिषद की प्रासंगिकता विषय पर हुई संगोष्ठी में अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति ने यह भी आश्वस्त किया कि जल्द पत्रकारिता के छात्रों को स्टूडियो भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया जल्द नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मानकों पर पत्रकारिता के पाठ्यक्रम का संचालन भी किया जाएगा।

राज्य सूचना आयुक्त बोले :, गरिमा बनाए रखें

बतौर मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त हर्षवर्धन शाही ने कहा कि प्रेस परिषद उस बुजुर्ग की तरह है, जो घर का मुखिया तो है लेकिन उसकी कोई सुनता नहीं है। पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखना पत्रकारों की जिम्मेदारी और जरूरत दोनों है। पत्रकार को खुद में विद्यार्थियों के पंच लक्षणों को समाहित करने की आवश्यकता है।

पत्रकारिता पर निगरानी के लिए प्रेस परिषद

हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अनिल राय ने कहा कि पत्रकारिता पर निगरानी के लिए प्रेस परिषद की स्थापना की गई थी। संगोष्ठी में पत्रकारिता के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के स्वर्णिम इतिहास पर तैयार की गई रेडियो रिपोर्ट प्रस्तुत की। साथ ही स्त्री शिक्षा पर आधारित रेडियो नाटक का प्रस्तुतीकरण दिया। छात्रों द्वारा संचालित ‘विश्व संवाद’ अखबार का विमोचन भी अतिथियों ने किया।

ये रहे शामिल

स्वागत संबोधन विभागाध्यक्ष प्रो. दीपक त्यागी का रहा, जबकि संचालन प्रकृति त्रिपाठी और आभार ज्ञापन पत्रकारिता विभाग के समन्वयक प्रो. राजेश मल्ल ने किया। इस दौरान प्रो. आयुष, रजनीश चतुर्वेदी, नर्गिस बानो, पुष्पजीत सिन्हा आदि मौजूद रहे।


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