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गोरखपुर जंक्शन पर जल्द ही डिजिटल इंटरलॉकिंग, एक क्लिक पर लाइन होगी क्लियर

ईआई प्रणाली से स्टेशन मास्टर को अब ट्रेनों को रवाना करने के लिए रूट तैयार नहीं करना पड़ेगा। बस एक क्लिक में ही ऑटोमेटिक ट्रेनों के लिए लाइन क्लीयर हो जाएगी। ट्रेनों के संचालन के लिए सबसे अहम सिग्नल सिस्टम में भी बदलाव किया जा रहा है।

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Gorakhpur News

गोरखपुर जंक्शन पर जल्द ही डिजिटल इंटरलॉकिंग, एक क्लिक पर लाइन होगी क्लियर

Gorakhpurnews : भारतीय रेलवे लगातार हाईटेक बनने की ओर बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में गोरखपुर जंक्शन पर जल्द ही डिजिटल इंटरलॉकिंग सिस्टम लागू हो जायेगा।ट्रेनों को सुरक्षित तरीके से चलाने और फटाफट लाइन क्लीयर करने के लिए अब रेलवे ने नई तकनीक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली को अपनाया है। गोरखपुर कैंट और नकहा जंगल स्टेशन के बाद गोरखपुर जंक्शन पर इस तकनीक के इस्तेमाल की तैयारी है।

रूट चार्ट बीते जमाने की बात, एक क्लिक पर लाइन क्लियर

ईआई प्रणाली से स्टेशन मास्टर को अब ट्रेनों को रवाना करने के लिए रूट तैयार नहीं करना पड़ेगा। बस एक क्लिक में ही ऑटोमेटिक ट्रेनों के लिए लाइन क्लीयर हो जाएगी। ट्रेनों के संचालन के लिए सबसे अहम सिग्नल सिस्टम में भी बदलाव किया जा रहा है। रेलवे स्टेशनों पर पहले इसके लिए पैनल इंटरलाॅकिंग (पीआई) का सिस्टम था। इसके बाद बड़े स्टेशनों पर आरआरई (रूट रीले इंटरलाॅकिंग) सिस्टम लागू किया गया। अब इससे भी एडवांस सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाॅकिंग होने जा रही है। इसके तहत स्टेशन पर कार्यशील पैनल इंटरलॉकिंग को डिजिटल इंटरलॉकिंग में बदला जा रहा है।गोरखपुर कैंट एवं नकहा जंगल स्टेशनों पर यार्ड रिमाॅडलिंग के दौरान बदलाव हो गया है। जबकि, गोरखपुर जंक्शन पर प्लेटफार्म नंबर नौ के सामने इसके लिए नया भवन बनवाया जा रहा है। भवन जल्द बनकर तैयार हो जाएगा।

EI सिस्टम के लिए बड़ी एलईडी स्क्रीन लगेगी

इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली के लिए कमरे में बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। पूरी तरह से कम्प्यूटराइज इस सिस्टम पर एक क्लिक कर स्टेशन मास्टर लाइन क्लीयर दे सकेंगे। अभी तक उन्हें ट्रेनों के आने की सूचना पर बटन दबा कर रूट बनाना पड़ता था। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग पूरी तरह संरक्षित एवं पारदर्शी है। जब सभी स्टेशन इस सिस्टम से जुड़ जाएंगे तो ट्रेनों के संचालन में काफी सहूलियत होगी। इससे दुर्घटना की आशंका में भी कमी आएगी।

बोले CPRO

सीपीआरओ-पूर्वोत्तर रेलवे पंकज कुमार सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे आधुनिक तकनीकी के प्रयोग से व्यवस्था को बेहतर, पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में सतत क्रियाशील है। इसी क्रम में स्टेशनों पर डिजिटल इंटरलॉकिंग की जा रही है। इससे दक्षता में वृद्धि के साथ, संरक्षा, सुरक्षा एवं ट्रेन परिचालन में उल्लेखनीय सुधार होगा । बता दें की NE रेलवे का गोरखपुर रेलवे स्टेशन यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए लगातार हाईटेक बनने की पर अग्रसर है।

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